
कार्यक्रम को संबोधित करते ओम बिरला। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। माहेश्वरी समाज कंवेंशन और ग्लोबल एक्सपो के दूसरे दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि माहेश्वरी समाज भगवान महेश के संस्कारों पर चलने वाला समाज है। जैसे भगवान शिव ने विष पिया, वैसे ही माहेश्वरी समाज भी त्याग, सेवा और समर्पण की भावना से काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो नींव रखी, अब युवाओं की जिम्मेदारी है कि यह सम्मान, त्याग और सेवा की परंपरा आने वाली पीढ़ी को समर्पित की जाए। आजादी से पहले और बाद में समाज का योगदान रहा है। अब उद्यमशीलता और तकनीक के जरिए समाज और देश को आगे ले जाने की जरूरत है। यह समय परिवर्तन और अनुकूल माहौल का है, कठिन मेहनत के साथ समाज उत्थान के लिए काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इस समय देश में सामाजिक और आर्थिक बदलाव हो रहे हैं, ऐसे में विचार और मंथन होना चाहिए कि देश को आगे बढ़ाने में हमारा क्या योगदान हो सकता है। देशहित और राष्ट्रहित में कार्य करने की जरूरत है। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री केके विश्नोई, राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, विधायक अतुल भंसाली, देवेन्द्र जोशी और अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी महासभा के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी महाधिवेशन और ग्लोबल एक्सपो राजस्थान की सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत तथा मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की भावना का प्रदर्शन है। यह आयोजन समाज की एकता और सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए तत्पर है। समाज भारत के सबसे प्राचीन और सम्मानित व्यापारिक समुदायों में से एक है। यह समाज ‘देश प्रथम’ के सिद्धांत को जीवन में उतारता रहा है।
सीएम शर्मा ने कहा कि भारत में आज जो शांति और व्यवस्था है उसके पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दृढ़ नेतृत्व है। नक्सलवाद का समूल नाश हो या कश्मीर से धारा 370 हटाना-हर कदम पर केंद्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति ने देश को सुरक्षित बनाया है। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि माहेश्वरी समाज भारत माता के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी सभा के सभापति संदीप काबरा ने कहा कि संगठन 135 साल पुराना है। आजादी से पहले ही समाज ने प्रस्ताव पारित कर औद्योगिकीकरण का समर्थन किया। अब लिंगानुपात बड़ी समस्या है, इसलिए कन्या जन्म को उत्सव के रूप में मनाने और थाली बजाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। काबरा ने बताया कि 1670 बहनों को 5 हजार रुपए मासिक सहायता दी जा रही है और बच्चों की शिक्षा के लिए 20 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
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Updated on:
10 Jan 2026 06:51 pm
Published on:
10 Jan 2026 06:47 pm
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