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कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा देने वाला चेहरा हुआ बेनकाब – शेखावत

गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का घोषणा-पत्र और नेताओं के बयान कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली सोच को परिलक्षित करती है।

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Congress's thinking of appeasement politics, said Gajendra Singh Shekhawat

जोधपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री व भाजपा प्रत्याशी गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस नेताओं के देश की संपत्ति पर पहला हक अल्संख्यकों का होने संबंधी बयानों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा देने वाले चेहरे का बेनकाब करता है। केवल अपने वोट बैंक को बचाने के लिए कांग्रेस आजादी के बाद ही इस तरह की राजनीति करती आई है, लेकिन अब कांग्रेस की यह मानसिकता संपूर्णता के साथ देश की जनता को सामने उजागर हो गई है। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री व जोधपुर लोकसभा प्रत्याशी गजेन्द्र सिंह शेखावत ने उक्त बातें मेडिकल कॉलेज रोड़ पर स्थित भाजपा मीडिया सेन्टर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही।

शेखावत ने कहा- नेहरू और इंदिरा गांधी ने लागू किए काले कानून

शेखावत ने कहा कि 1963 और 1974 में नेहरू और इंदिरा गांधी के जमाने में भी कांग्रेस ने लोगों की कमाई जब्त करने के लिए कंपल्सरी डिपोजिट एक्ट पास किया था, जिसके तहत कर्मचारियों व अन्य लोगों की 18 प्रतिशत संपत्ति को सरकार के पास जमा कराना अनिवार्य था, जिसका 3 से 5 साल का लॉकेट पीरिएड होता था। शेखावत ने कहा कि जब यह काला कानून लागू हुआ था तो डॉ. मनमोहन सिंह कांग्रेस पार्टी और प्रधानमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि 2006 में भी स्वयं प्रधानमंत्री रहते हुए डॉ. मनमोहन सिंह ने इस सोच को आगे बढ़ाते हुए बयान दिया कि देश की संपत्ति पर पहला हक मुसलमानों का है और अब सैम पित्रोदा की सलाह पर कांग्रेस के घोषणा-पत्र में इस बात का जिक्र है।

कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली सोच

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा, राहुल गांधी ने भी नागपुर व मुंबई में कास्ट और आर्थिक आधार पर सर्वे कराकर किसी की भी 55 प्रतिशत संपत्ति पर देश का हक होने की बात कही। इसका अर्थ यह है कि वह इस संपत्ति को अपने विशेष वोटबैंक में बांटना चाहते हैं। शेखावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का घोषणा-पत्र और नेताओं के बयान कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली सोच को परिलक्षित करती है। उन्होंने कहा कि जो स्त्रीधन महिलाओं को अपने परिजनों, रिश्तेदारों से भेंट स्वरूप मिलता है, उसे कांग्रेस पार्टी किसी विशेष वर्ग को देने की बात करती है। जहां कांग्रेस अपने विशेष वोट वर्ग को बचाने में लगी रहती है, वहीं मोदी जी ने पिछले 10 वर्षों में जो भी गरीब कल्याण की योजनाएं लागू की। उन्हें जाति-धर्म, मजहब, बोली-भाषा के आधार पर लागू नहीं किया, बल्कि बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए समान रूप से लागू किया।

चांदी की चम्मच लेकर पैदा होने वाले क्या जानें विकास?

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी द्वारा भाजपा शासनकाल में हुए विकास पर उठाए गए सवाल पर भी केंद्रीय मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग चांदी की चम्मच पैदा हुए हैं, उन्हें विकास तब ही नजर आता है, जब उनका स्वयं का और उनके लोगों का विकास हो। ऐसे लोगों को देश के गरीबों को विकास नहीं दिखता है। शेखावत ने सवाल किया कि मोदी जी के शासनकाल में जो 4 करोड़ घर बने, 4 करोड़ लोगों के घरों में बिजली का उजाला हुआ, 11 करोड़ गैस कनेक्शन दिए गए, 12 करोड़ शौचालय बनाए गए, किसान निधि के तहत किसानों को 24 लाख करोड़ की धनराशि आवंटित की गई, क्या यह विकास नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने देश में 55 साल तक राज किया, लेकिन उसके शासनकाल में केवल गरीबी हटाओ के नारे दिए गए, गरीबी हटाई नहीं गई।

इस बार का चुनाव ज्यादा अनुकूल

केंद्रीय मंत्री ने कहा, जोधपुर लोकसभा सीट का चुनाव पिछली बार की अपेक्षा इस बार ज्यादा अनुकूल है, क्योंकि पिछली बार का चुनाव तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे के खिलाफ था, इसलिए उनके पक्ष में पूरा महकमा जुटा हुआ था। उसके बाद भी उन्हें हार झेलनी।

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