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जोधपुर के डीलर्स खा गए बाप, फलोदी, पीपाड़ सहित कई गांवों का गेहूं

रसद विभाग की एक जांच रिपोर्ट में सामने आया कि शहर के 12 राशन डीलर्स ने केवल एक महीने में 13 लाख रुपए के गेहूं का गबन किया हैं।

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logistics department

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रसद विभाग की एक जांच रिपोर्ट में सामने आया कि शहर के 12 राशन डीलर्स ने केवल एक महीने में 13 लाख रुपए के गेहूं का गबन किया हैं। इन डीलर्स ने बाप, फलोदी, पीपाड़ सहित शहर में कई हिस्सों के गरीबों का करीब 55 हजार किलो गेहूं फर्जी तरीके से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करके बाजार में बेच दिया। रसद विभाग ने दो महीने पहले इन 12 डीलर्स को निलंबित किया था, लेकिन अब तक न तो जांच रिपोर्ट पर कार्यवाही हुई है और न ही इन डीलर्स से गबन की राशि वसूली गई हैं। सूत्रों के मुताबिक तीन महीने तक कोई कार्यवाही नहीं होने पर इन 12 डीलर्स की राशन की दुकानें फिर से बहाल कर दी जाएगी।

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राशन की दुकान में पोस मशीन से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए उपभोक्ता के आधार नम्बर व मोबाइल नम्बर भी महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन गांव व शहर दोनों जगह करीब 20 फीसदी लोगों के आधार नम्बर या मोबाइल नम्बर नहीं है। मोबाइल नम्बर है तो भी बदल गए हैं। राशन डीलर्स ने उपभोक्ताओं की इस कमजोरी का फायदा उठाकर अक्टूबर 2016 से लेकर मार्च 2017 तक फर्जी ट्रांजेक्शन करके कइयों का गेहूं स्वयं उठा लिया। राजस्थान पत्रिका की ओर से यह मामला उठाने के बाद सरकार ने एक अप्रेल से गैर आधार ट्रांजेक्शन बंद कर दिया है

कलक्टर के कहने पर सस्पेंड किया

राजस्थान पत्रिका ने 22 फरवरी को 'गरीबों का गेहूं कर रहे हजम' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर सरकार का ध्यान इस ओर खींचा। इस मामले में रसद विभाग ने एक सप्ताह तक आरोपी डीलर्स के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की। कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक ने जब डीएसओ कार्यालय से इस मामले में रिपोर्ट मांगी तब जाकर अगले दिन 12 डीलर्स निलंबित किए। इन 12 डीलर्स को निलंबित हुए दो महीने हो गए हैं कि लेकिन अभी तक इनके संबंध में गबन की पुलिस में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

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270 डीलर्स हैं, सबकी जांच क्यूं नहीं

शहर में 270 राशन डीलर्स हैं जो अक्टूबर से लेकर मार्च तक यानी छह महीने तक अवैध तरीक से गेहूं का ट्रांजेक्शन करते रहे हैं। जिला रसद विभाग के पास सभी राशन डीलर्स की ऑनलाइन रिपोर्ट मौजूद है, लेकिन रसद कार्यालय का कोई भी अधिकारी इनकी विस्तृत जांच नहीं कर रहा है।

एक महीने के गबन का विवरण

दुकान संख्या- फर्जी ट्रांजेक्शन की संख्या- गबन किए गेहूं की मात्रा (क्विंटल में)

5/28 (यूएसबी) - 63 - 27.80

6/361 (रईस मो.)- 150 - 32

6/382 (अनिल मोहनोत) - 196 - 45.80

4/352 (नरेश कल्ला) - 158 - 52.80

3/17 (सुभाष वैष्णव)- 33 - 5

23/115 (मगाराम भाटी)- 231- 97.50

13/431 (सीमा वर्मा)- 126- 166.26

14/69 (नंदकिशोर यूएसबी)- 184- 47.20

19/94 (लाला केसरनाथ) - जांच बाकी

24/119 (यूएसबी) - 108- 36.10

29/152 (शोभा गौड़) - 99- 40.10

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इन पर कार्यवाही क्यों नहीं

रईस मो. व शोभा गौड़ पीपाड़ व फलोदी के लोगों का गेहूं उठा रहे थे। एक महीना रईस उठाता तो दूसरे महीने शोभा। मगाराम भाटी की दुकान मो. रउफ संचालित कर रहा है। इसके अलावा इन 12 राशन डीलर्स ने जिस राशनकार्डों से गैर प्रामाणीकरण ट्रांजेक्शन किया है, वही ट्रांजेक्शन अन्य दुकानदार जुगलकिशोर, रोहित सोलंकी, सुनील व्यास, संदीप गौड़, अख्तर खान, कपिल मिश्रा, मानकंवर सहित अन्य डीलर्स ने भी किए हैं। प्रमुख शासन सचिव सुबोध अग्रवाल द्वारा जारी सौ से अधिक गैर आधार ट्रांजेक्शन वाले जिले की 287 राशन दुकानों में भी इनका नाम हैं, लेकिन डीएसओ इन पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही।

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