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नोटबंदी के बाद बीते 14 दिनों में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के पास आने वाली आम नागरिकों की शिकायतों की संख्या आधी रह गई है। जोधपुर में एसीबी एसपी के पास पिछले एक पखवाड़े में भ्रष्टाचार ट्रेप करवाने की केवल पांच शिकायतें आई हैं, जिनका वैरिफिकेशन किया जा रहा है। जबकि सामान्य दिनों में इनकी संख्या 10 से 11 होती है।
ब्यूरो सूत्रों का कहना है कि अधिकांश लोग नोट बदलवाने में व्यस्त हैं। रिश्वतखोर कर्मचारी कहीं ना कहीं कतार में खड़े होकर या तो नोट बदलवा रहे हैं या नोटों को सैटल करने में लगे हैं। पुराने नोट से कोई रिश्वत लेना नहीं चाहता और नए नोटों का इंतजाम करने में सबके पसीने छूट रहे हैं। दूसरी तरफ कई लोगों के जरूरी काम का प्रोसेस आज भी वहीं पर अटका हुआ है जहां 8 नवम्बर को था। जब काम आगे बढ़ेगा तभी रिश्वत की जरूरत पड़ेगी।
अब तक 3 रिश्वतखोर ट्रेप
नोटबंदी लागू होने के बाद प्रदेश में अब तक तीन घूसखोर ट्रेप किए गए हैं। पहला रिश्वतखोर नोटबंदी लागू होने के दिन, 9 नवम्बर को बारां जिले की शाहबाद तहसील में नगरपालिका से धरा गया। इसने सौ-सौ रुपए के नोट के साथ एक लाख रुपए की रिश्वत ली थी। इसके बाद एसीबी ने अलवर और बूंदी में दो जनों को ट्रेप किया। बीते 14 दिनों में प्रदेश में 3 ट्रेप हुए हैं जबकि सामान्य दिनों में इनकी संख्या 7 से 8 होती है।
एसीबी के पास एक करोड़ के पुराने नोट
एसीबी जोधपुर के पास आरोपियों से पकड़ी गई रिश्वत के करीब एक करोड़ रुपए हैं जो फिलहाल हाईकोर्ट के अधीन हैं। रिश्वत के आरोप में बनाए गए मुकदमों का जब निस्तारण होगा तब यह राशि हाईकोर्ट की ओर से छोड़ी जाएगी तब इसको बदलवाने में दिक्कत आएगी।
शिकायतें कम तो हुई हैं
नोटबंदी के बाद लोगों की शिकायतों में कमी आई है। लोग अभी नोटबंदी में उलझे हैं फिर भी हमारा काम जारी है। -अजयपाल लाम्बा, पुलिस अधीक्षक, एसीबी जोधपुर
Published on:
22 Nov 2016 04:11 pm
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