
पुलिस स्टेशन बासनी।
जोधपुर.
बासनी थानान्तर्गत सांगरिया बाइपास पर एसबीआइ एटीएम के पास 2.60 लाख रुपए लूट की फर्जी साजिश रचने वाले युवक से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वह साइबर गिरोह से जुड़ा हुआ है और 25-30 प्रतिशत के कमीशन के बदले बैंक खाते किराए पर लेकर एटीएम कार्ड से ठगी की राशि निकालकर सरगना तक पहुंचाते थे। आरोपी ठगी की काली कमाई को क्रिप्टो करंसी में निवेश कर सफेद यानि एक नम्बर में बदलने का काम भी कर रहे थे। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी को फिर गिरफ्तार किया। उससे विभिन्न बैंकों के 11 एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार गत 25 जुलाई को सांगरिया फांटा के पास इन्द्रा नगर निवासी अभिमन्यु गुप्ता ने सांगरिया बाइपास पर एसबीआइ के एटीएम के पास साइबर पुलिस बनकर आए लोगों पर उससे 2.60 लाख रुपए लूटने की सूचना दी थी, जो जांच में झूठी पाई गई थी। पुलिस अभिमन्यु पुत्र शिवपूजन गुप्ता को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
तलाशी लेने पर उसके पास विभिन्न बैंक व खाता धारकों के 11 एटीएम मिले थे। पूछताछ में सामने आया कि वह और दोस्त कुशाल चौधरी साइबर ठग गैंग से जुड़े हुए हैं। साइबर ठग गैंग ठगी की राशि जिन बैंक खातों में जमा करवाती है उन खातों को वो कमीशन के बदले किराए पर देते हैं। बदले में उन्हें 25-30 प्रतिशत कमीशन मिलता है। धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर एएसआइ चेतन कुमार ने अभिमन्यु गुप्ता व सांगरिया में प्रेम नगर निवासी सरगना कुशाल पुत्र हरीश चौधरी के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई। पुलिस ने अभिमन्यु गुप्ता को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर रिमाण्ड लिया है। कुशाल गायब हो गया।
आरोपी अभिमन्यु का कहना है कि साइबर ठगों को विभिन्न लोगों के नाम से बैंक खाते किराए पर उपलब्ध करवाते हैं। इनमें जमा होने वाली राशि क्रिप्टो करंसी में निवेश करके एक नम्बर में बदलते थे। आरोपी पिछले एक साल से यह काम कर रहे हैं।
अभिमन्यु और कई अन्य युवक मुख्य आरोपी कुशाल चौधरी को बैंक खाते किराए पर उपलब्ध करवाते हैं। इन खातों से एटीएम कार्ड लेते हैं। इनसे रोजाना 1.50 से 1.90 लाख रुपए तक निकालते हैं। यह राशि कुशाल को देते हैं। जो ठग गिरोह तक पहुंचाता है।
अभिमन्यु गुप्ता के पास पांच बैंकों से जारी 11 एटीएम कार्ड मिले। तीन निजी बैंकों के एटीएम हैं। इनमें अभिमन्यु व राकेश लखारा के दो-दो, मुकेशसिंह, अविनाश पंवार, करणककुमार, अभिषेक गुप्ता, दीपक कुमार गुप्ता, निलेश कुमार के नाम से एक-एक कार्ड और एक एटीएम बिना नाम का मिला।
गत 25 जुलाई को लूट की सूचना झूठी पाए जाने पर आरोपी अभिमन्यु ने विरोध व हंगामा किया था। उसने पुलिस पर लूट की एफआइआर दर्ज करने के लिए दबाव बनाया था। उसका कहना था कि उस पर काफी कर्ज हो रखा है। जिसे वह चुका नहीं पा रहा है। इसलिए वह खुद को मार देगा अथवा रुपए मांगने वालों को मारेगा।
Published on:
30 Jul 2024 12:49 am
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