
जब्त माल के साथ पुलिस टीम। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। राजस्थान में नशे के कारोबार के खिलाफ जारी अभियान के तहत एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और जोधपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर की एक पॉश सोसाइटी में चल रही अवैध ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय बाजार में दो करोड़ रुपए से अधिक कीमत की तैयार ड्रग्स, नशीली गोलियां और भारी मात्रा में केमिकल बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि यहां बड़े स्तर पर सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करने की तैयारी चल रही थी।
यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के निर्देशन में अंजाम दी गई। एसपी ज्ञानचंद यादव और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरोत्तम वर्मा की निगरानी में विशेष टीमों का गठन किया गया। सहायक उप निरीक्षक राकेश जाखड़ और कांस्टेबल सुमेर सिंह की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने फ्लैट तक पहुंचकर छापा मारा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
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इस मामले की कड़ी दो अप्रेल को बनाड़ क्षेत्र में हुई एक गिरफ्तारी से जुड़ी है, जब एजीटीएफ ने गणपतराम विश्नोई को पकड़ा था। उसके मकान की छत पर बनी एक अवैध लैब से 3 किलो से अधिक एमडी ड्रग्स और करीब 55 किलो केमिकल बरामद हुए थे। पूछताछ के दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमृतलाल जीनगर की टीम ने मनोवैज्ञानिक तरीके से जांच की, जिसमें आरोपी ने कई अहम खुलासे किए।
गणपतराम ने बताया कि वह इस पूरे नेटवर्क में सिर्फ एक कड़ी था, जबकि असली सरगना भरत विश्नोई उर्फ आसुराम उर्फ लक्की है। आरोपी अपनी पहचान छुपाकर एक महिला के साथ रह रहा था और बड़े स्तर पर मादक पदार्थ तैयार करवा रहा था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि गणपतराम ने कर्ज चुकाने के लिए तस्करों से संपर्क किया और अपने घर को ही ड्रग्स बनाने की लैब में बदल दिया।
पुलिस के अनुसार मौके से बरामद रसायनों से करीब 60 किलो तक एमडी ड्रग्स तैयार की जा सकती थी। टीम ने डाइक्लोरोमीथेन, डी-आयोनाइज्ड वॉटर सहित कई खतरनाक केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक चूल्हा और अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
Updated on:
04 Apr 2026 07:27 pm
Published on:
04 Apr 2026 07:27 pm
