जोधपुर।
माता का थान थानान्तर्गत (Police station Mata Ka Than) भदवासिया में अस्पताल के पास अधिवक्ता जुगराज चौहान (Advocate Jugraj chouhan murder case in Jodhpur) की हत्या के मामले में बुधवार को 5वें दिन भी गतिरोध बना रहा। शव न लेने के चलते प्रशासन की अधिवक्ता व परिजन के प्रतिधि मण्डल के साथ वार्ता हुई। प्रशासन ने कुछ मांगें मानने का प्रस्ताव रखा, लेकिन कुछ अधिवक्ता सहमत नहीं हुए। जिसके चलते 5वें दिन भी अधिवक्ता का शव महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में ही रहा। (Advocate’s body still in morchery on 5th day)
तीन दिन से मोर्चरी के बाहर धरना, रास्ता बंद
भदवासिया में मंदिर वाला बेरा निवासी अधिवक्ता जुगराज चौहान (55) की गत 18 फरवरी की देर शाम चाकू धोंपने के बाद पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई थी। तब से शव महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में है। परिजन सोमवार दोपहर मोर्चरी के बाहर सड़क पर धरना देकर बैठ गए थे। जो अभी तक जारी है। हत्या के मामले में मृतक के भतीजे अनिल चौहान व मुकेश चौहान माता का थान थाना पुलिस की रिमाण्ड पर हैं।
सुरक्षा में पुलिस तैनात, एसआइटी करेगी जांच
प्रशासन ने अधिवक्ता व परिजन के प्रतिनिधि मण्डल के साथ वार्ता की। जिसमें विशिष्ट आर्थिक स्थिति के चलते राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने, अधिवक्ता के एक आश्रित को संविदा नौकरी, परिवार की सुरक्षा के लिए दो-दो पुलिसकर्मी तैनात करने, मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए एसआइटी गठित करने पर सहमति जताई गई।
नहीं हो पाया शव का पोस्टमार्टम
प्रशासन के प्रस्ताव पर लॉयर्स एसोसिएशन सहमत हो गए, लेकिन एडवोकेट्स एसोसिएशन ने गुरुवार दोपहर एक बजे बैठक के बाद निर्णय लेना तय किया है। परिजन भी शव लेने को राजी नहीं हुए।जिसके चलते 5वें दिन भी शव मोर्चरी में रहा। अब संभवत: गुरुवार को कोई निर्णय हो पाएगा।