11 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पीडि़ता के पुत्र की मांग पर बलात्कार मामले की दुबारा जांच के आदेश

55 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार का मामला - एसपी ग्रामीण की देखरेख में होगी जांच  

2 min read
Google source verification
Demand re-examination Rape case by victim's son

पीडि़ता के पुत्र की मांग पर बलात्कार मामले की दुबारा जांच के आदेश

जोधपुर

राजस्थान हाईकोर्ट ने 55 वर्षीय एक महिला के साथ बलात्कार के मामले की एसपी ग्रामीण (जोधपुर) की देखरेख में दुबारा जांच के आदेश दिए हैं। जस्टिस डॉ. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी ने यह आदेश 55 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार मामले में बालेसर पुलिस थाने में दर्ज एफआइआर की जांच को लेकर सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर विविध अपराधिक याचिका की सुनवाई में दिए।


याचिकाकर्ता, पीडि़ता के पुत्र की ओर से अधिवकता रिपुदमनसिंह राजपुरोहित ने कहा कि 55 वर्षीय पीडिता के साथ गत 19 जुलाई को शराब पी रहे अप्रार्थी आरोपी ने दो लोगों के समक्ष बलात्कार किया। आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट के बावजूद पुलिस जांच डायरी में इस घटना को अत्यंत हलका कर बताए जाने से आरोपियों को अग्रिम जमानत मिल गई। इसपर बालेसर कोर्ट में जांच अधिकारी बदलने की याचिका दायर की गई, लेकिन वहां यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी गई कि जांच बदलने का आदेश देने का उनको अधिकार नहीं है। इस पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

आज भी जारी रहेगी सुनवाई
कोर्ट संख्या 2 में राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से कॉमर्शियल कोर्ट मामले में दायर जनहित याचिका की सुनवाई अधूरी रही। सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी।

बर्खास्त शिक्षक मामले में सुनवाई 9 को


कोर्ट संख्या 7 में जेएनवीयू के बर्खास्त शिक्षकों के मामले की सुनवाई समयाभाव के कारण नहीं हो सकी। अब यह सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। तब तक शिक्षकों की बर्खास्तगी पर रोक जारी रहेगी।

गृह विभाग और पुलिस अधिकारियों को नोटिस

राजस्थान हाइकोर्ट ने एक आरटीआइ कार्यकर्ता द्वारा मंडोर पुलिस थाने में कृषि विश्व विद्यालय के कुलपति के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने से इनकार कर देने पर गृह सचिव, डीजीपी पुलिस, जोधपुर पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब तलब किया है। यह आदेश जस्टिस पुष्पेंद्रसिंह भाटी ने याचिका कर्ता नंदलाल व्यास की ओर से दायर याचिका की सुनवाई में दी।


याचिकाकर्ता ने खुद अपनी पैरवी की और बाद में विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि विवि के कुलपति द्वारा जोधपुर-उदयपुर के बीच की गई उनकी निजी यात्रा को सरकारी यात्रा बताते हुए उसका बिल ट्रेजरी से पारित करा भुगतान प्राप्त कर लेने के मामले में मंडोर पुलिस थाने में एफआइआर दर्ज कराने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस के उच्चधिकारियों से मिलने के बावजूद एफआईआर दायर नही कि गई। इसी से निराश हो कर याचिका दायर की है।