
अधिवक्ता को नागरिक नहीं मानकर सूचना से इनकार करना विधि विरुद्ध
जोधपुर। राजस्थान राज्य सूचना आयोग ने अधिवक्ता को भारतीय नागरिक नहीं मानकर सूचना देने से इनकार करने के मामले में कहा कि अधिवक्ता को भारतीय नागरिक नहीं मानकर सूचना से इनकार करना विधि विरुद्ध है।
आवेदक द्वारा अपने पते में अपने व्यवसाय के रूप में अधिवक्ता शब्द के इस्तेमाल से अपीलार्थी सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 3 के तहत नागरिक की श्रेणी में नहीं होकर सूचना प्राप्ति से अपात्र नहीं माना जा सकता। अपीलार्थी रजाक के. हैदर की ओर से राज्य लोक सूचना अधिकारी एवं जिला परिवहन अधिकारी अजमेर के खिलाफ दायर द्वितीय अपील की सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने यह आदेश पारित किया। अपील में कहा गया कि अधिनियम की धारा 3 सभी नागरिकों को सूचना का अधिकार प्रदान करती है। आवेदक द्वारा अपने नाम के आगे केवल अधिवक्ता का उल्लेख कर देने मात्र से वह नागरिकता के दायरे से बाहर नहीं हो जाता। सुनवाई के बाद सूचना आयुक्त शर्मा ने कहा कि किसी आवेदक के व्यवसाय के आधार पर उसको सूचना देने से इनकार करना विधिविरुद्ध है।
Published on:
19 Oct 2020 08:06 pm
