जोधपुर.
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के तत्वावधान में पिडियाट्रिक एंडोस्कॉपिक सर्जन्स ऑफ इण्डिया की 14 वीं कांफ्रेंस (पेसिकॉन-2019) के पहले दिन देशभर के पिडियाट्रिक ने बच्चों की किडनी में पथरी के ऑपरेशन करने की बारीकियां सींखी।
आयोजन अध्यक्ष डॉ. अरविन्द सिन्हा ने बताया कि कांफ्रेंस में 200 से अधिक पीडियाट्रिक सर्जन भाग ले रहे हैं। इनमें मुम्बई, दिल्ली सहित अन्य शहरों के पीडियाट्रिक विशेषज्ञ फैकल्टी के रूप में अन्य सर्जन्स व मेडिकल विद्यार्थियों को बच्चों की लेप्रोस्कॉपी के जरिए कॉम्पलीकेट सर्जरी करने की बारीकियां सिम्युलेटर इत्यादि से सीखा रहे हैं।
रजिस्ट्रेशन सेशन के बाद वर्कशॉप का आयोजन किया गया। मुम्बई के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक सर्जन डॉ रसिक शाह, डॉ. जमीर अरिकर व डॉ. रामकरण चौधरी आदि विशेषज्ञों ने हैंड्स ऑन ड्राई एण्ड वेट लैब विषय पर डे्रमोस्ट्रेशन दिया। इसी तरह से डॉ. गौतम चौधरी, डॉ. हिमांशु पाण्डे ने पीसीएनएल सिम्युलेटर्स से बच्चों की किडनी में पथरी का ऑपरेशन की बारीकियोंं का प्रदर्शन किया। डॉ. सिन्हा ने बताया कि बड़ों की किडनी में पथरी आदि ऑपरेशन में तो पीसीएनएल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन पीडियाट्रिक में अभी इस तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो रहा है। बिना चीरा लगाए ऑपरेशन करने इस तकनीक को पीडियाट्रिक में इस्तेमाल करने के लिए यूरोलॉजी सर्जन व पीडियाट्रिक सर्जन मिलकर पीसीएनएल की बारीकियां सीखा रहे हैं। ताकि देश भर में यह तकनीक आगे बढ़ें और बच्चों के ऑपरेशन भी अच्छे से हों। मुम्बई के डॉ. शाह ने बताया कि चूंकि राजस्थान में हार्ड वाटर की समस्या होने से यहां बच्चों में भी पथरी की बीमारी सामने आ रही हैं। इसलिए जोधपुर एम्स ने इस बार 14 वीं कांफ्रेंस में पीसीएनएल तकनीक सिखाने पर विशेष फोकस किया है। डॉ. सिन्हा ने बताया कि शुक्रवार को कांफ्रेस का विधिवत शुभारम्भ एम्स निदेशक डॉ. संजीव मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में किया गया। शुभारम्भ सत्र के बाद गेस्ट लेक्चर्स, फ्री पेपर सेशन, एक्सपर्ट पैनल डिस्कशन, वीडियो सेशन, फ्री सेशन ऑफ यूरोलॉजी आदि सत्र आयोजित किए।