
देखे वीडियो...ऐसी थी करमाबाई, भगवान खाते थे जिनकी बनाई खिचड़ी
जोधपुर. थाली भर कर लाई रे खीचड़ो, ऊपर घी की बाटकी। जीमो म्हारा श्यामधणी,जीमावे बेटी जाट की।।
बाबो म्हारो गांव गयो है, कुण जाणै कद आवैलो। बाबा कै भरोसे सावरा,भूखो ही रह ज्यावैलो।।
आज जीमावूं तन खीचड़ो, काल राबड़ी छाछ की।
गीता बाल संस्कार शिविर की ओर से रविवार को संतों के सान्निध्य में रातानाडा में खास बाग के पास विभिन्न धार्मिंक एवं शिक्षाप्रद कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न नाटकों का मंचन भी किया गया। इसी कड़ी में भक्त शिरोमणी करमा बाई पर आधारित नाटक का भी मंचन किया गया। जिसमें भक्त करमाबाई भगवान को खीचड़े का भोग लगाती है, लेकिन भगवान भोग नहीं लेते हैं इस पर करमा विलाप करने लग जाती है। करमा की करुण पुकार सुन जब भगवान ने खीचड़े का भोग लगाया तो उपस्थित हर कोई भगवान की भक्ति में डूबा हुआ नजर आया। कार्यक्रम के दौरान गीता अंत्याक्षरी का आयोजन भी किया गया। जिसमें विजेता रहने वाले बालकों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान संतों ने आर्शीवचन प्रदान किए।
Published on:
15 Dec 2019 10:38 pm

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