
जो़धपुर. केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की आरक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जोधपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सहायक प्रशिक्षण केंद्र में 6 फरवरी को एक फर्जी अभ्यर्थी को पकड़ा, जो एवजी को दो लाख रुपए देकर शामिल हुआ। यह बायोमेट्रिक वैरिफकेशन के दौरान पकड़ा गया। बीएसएफ ने फर्जी अभ्यर्थी के खिलाफ मण्डोर पुलिस थाना में जीरो एफआइआर दर्ज करवाई गई है।
उत्तरप्रदेश के आगरा जिले के मोहनपुर निवासी विकास सिंह का चयन सीमा सुरक्षा बल में 2024 की भर्ती प्रक्रिया के तहत हुआ था। उसने बुनियादी प्रशिक्षण और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए 21 जनवरी 2025 को जोधपुर स्थित सहायक प्रशिक्षण केंद्र में रिपोर्ट किया था। यहां सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही थी।
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान विकास सिंह के अंगूठे के निशान और भर्ती के समय दिए गए निशान में मेल नहीं हुआ। उसका चेहरा भी भर्ती के दौरान लगाए गए फोटो से मेल नहीं खा रहा था। जब इस संदर्भ में उसे पूछताछ की गई, तो उसने पूरी सच्चाई उगल दी।
विकास सिंह ने स्वीकार किया कि वह भर्ती प्रक्रिया में अनुचित तरीके से शामिल हुआ था और इसके लिए उसने मनजीत नाम के एक व्यक्ति को दो लाख रुपए दिए थे, जिसने उसकी जगह लिखित परीक्षा, शारीरिक मापदंड और शारीरिक चिकित्सा में भाग लिया था।
यह मामला सामने आने के बाद बीएसएफ अधिकारियों ने इस तरह के फर्जीवाड़े को पकड़ने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
Published on:
12 Feb 2025 08:19 pm
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