
पुलिस स्टेशन शास्त्रीनगर।
जोधपुर.
पश्चिमी राजस्थान दुग्ध उत्पाकद सहकारी संघ (सरस डेयरी) के लेखाकर्मी ने राज्य सरकार की ओर से दुग्ध उत्पादकों को दी जाने वाली अनुदान राशि में 4.33 लाख रुपए नहीं बल्कि 54.55 लाख रुपए का घोटाला किया है। दस्तावेजों में हेराफेरी कर लेखाकर्मी ने पांच साल में यह राशि अपनी पत्नी, बहन व बेटी के बैंक खातों में जमा करा दी। लेखाकर्मी पर डेढ़ माह पहले 4.33 लाख रुपए के घोटाले का मामला शास्त्रीनगर थाने में दर्ज करवाया गया था।
थानाधिकारी देवेन्द्र सिंह देवड़ा ने बताया कि वरमूल डेयरी जोधपुर के संस्थापन शाखा प्रभारी जैसलमेर में पोकरण की रामदेव कॉलोनी निवासी अमर शक्ति पुत्र ओमप्रकाश ने सरस डेयरी की लेखा शाखा के कर्मचारी पंकज तिवारी व अन्य के खिलाफ 54,55,041 रुपए का गबन करने का आरोप लगाकर एफआइआर दर्ज करवाई है। आरोप है कि राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादकों के लिए 1 फरवरी 2019 में मुख्यमंत्री संबल योजना शुरू की थी। इसमें दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध संकलन करने पर दो रुपए प्रति लीटर के हिसाब से अनुदान देने की घोषणा की गई थी। सरस डेयरी व सहकारी समितियों के सदस्य को लाभ दिया जाना था। वर्ष 2019 में लेखा शाखा के कर्मचारी पंकज तिवारी ने दस्तावेजों में गबड़बड़ी कर फर्जी दस्तावेज से रिश्तेदारों को लाभ दिलाया था। रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर उसने अपनी बहन सरिता, पत्नी लीला, बेटी व अन्य रिश्तेदारों के बैंक खातों में 54,55,041 रुपए जमा करवा दिए थे। जबकि पत्नी, बहन, बेटी व अन्य रिश्तेदार दुग्ध उत्पादक ही नहीं हैं।
घोटाले का अंदेशा होने पर डेयरी के अधिकारियों ने आंतरिक जांच करवाई। जिसमें 54.55 लाख रुपए के घोटाले की पुष्टि हुई। ऐसे में अब मामला दर्ज कराया गया है।
पश्चिमी राजस्थान दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष रामलाल बिश्नोई ने गत 25 मई को शास्त्रीनगर थाने में लेखाकर्मी, उसकी पत्नी, बहन और तत्कालीन प्रबंध संचालक सुधीर शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दजर्ज कराया था। जिसमें अनुदान राशि में 4 .33 लाख रुपए की गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया था। अब ऑडिट जांच में गबन की राशि 54.55 लाख रुपए तक पहुंच गई। ऐसे में नई एफआइआर दर्ज करवाई गई है। पूर्व में दर्ज एफआइआर में संभवत: एफआर लगाई जाएगी।
Published on:
12 Jul 2024 12:15 am
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