जोधपुर। चाय के शौकीन शहर के हर चौराहे, मोहल्ले के नुक्कड़ व गलियों के बाहर थडियों पर बैठे दिखाई दे जाएंगे। इनमें भी खासकर युवा वर्ग तो सबसे आगे है। जब भी किसी से मिलने की बात आएगी तो हर कोई यही कहता नजर आता है कि चाय की थड़ी पर इंतजार करता हूं। ऐसे में अपणायत के शहर में भी चाय के शौकीन दिनोंदिन बढ़ते जा रहे है। चाहे फिर वे चाय की थड़ी हो या फिर चाय का कैफे। शहर में पांच रुपए से लेकर सौ रुपए तक की चाय पीने वाले है। जो अपने अपने स्टेटस के अनुसार चाय का लुत्फ उठा रहे है।
रोज करीब दस लाख की चाय पी लेते है लोग
शहर में चाय का क्रेज इतना बढ़ गया है कि प्रतिदिन के हिसाब से लोग करीब दस लाख रुपए की चाय की चुस्की ले लेते है। इनमें अधिकांश लोग तो चाय की थडियों पर ही इसका आनंद लेते नजर आते है। जिसका मूल्य 5 रुपए से 15 रुपए तक का होता है। वहीं अब शहर में चाय की कई तरह की चेन भी आ गई है। जिनकी ब्रांच शहर के कोने-कोने में स्थापित है। इसी तरह चाय के रेस्टोरेंट और कैफे भी खुले हुए है। थडियों की तुलना में रेस्टोरेंट और कैफ में बिकने वाली चाय का मूल्य 50 से 100 रुपए की बीच होने के बावजूद लोग इसे पीने से नहीं कतराते। वहां उन्हें चाय के कई तरह के फ्लेवर मिलते है जो यूथ को पसंद आते है। ऐसे में जोधपुर में चाय के दीवानों के साथ इसका व्यापार भी बढ़ रहा है। इनमें तारघर, भाटी चौराहे, जालोरीगेट, रातानाडा, पावटा जैसे कई स्थान ऐसे है, जो चाय की वजह से प्रसिद्ध है। ऐसे में करीब एक लाख कप चाय प्रतिदिन शहर में बिकती है।
ये है चाय की प्रमुख वैरायटी
चाय में अदरक चाय, इलायची चाय, केसर चाय, कुल्हड चाय, तन्दूरी चाय, ब्लेक चाय, लेमन चाय व ग्रीन चाय जैसी अनेक तरह वैरायटी है। ऐसे में अब तो ग्राहकों को लुभाने के लिए चाय वालों ने इनके नाम भी अनोखे रख रखे है। वहीं आजकल चाय पीओ कप खाओ जैसा नया कॉन्सेप्ट भी लोगों को पसंद आने लगा है।
ग्राहकों की पसंद अनुसार बनती है चाय
दिनभर में करीब तीस किलो से ज्यादा दूध की चाय हमारे यहां बनती है। ऐसे में ग्राहकों की पसंद के अनुसार उन्हें चाय पिलाई जाती है। हर ग्राहक अलग-अलग वैरायटी की चाय की डिमांड करते है। जिनकी पसंद का हम भी ध्यान रखते है। अधिकतर ग्रामीण लोग अदरक इलायची वाली चाय ही पसंद करते है, वो भी एकदम कड़क होनी चाहिए।
नेमीचंद, दुकानदार