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छोड़सिंह बाबा का मेला में उमड़ा श्रद्धलुओं का सैलाब

रजलानी गांव के शिवनाथनगर स्थित पहाड़ी की तलहटी में सैकड़ों वर्ष पूर्व डाकुओं से गायों की रक्षा करने के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले गोरक्षक लोकदेवता छोड़सिंह बाबा एवं सिद्धनाथ संत शिवनाथ महाराज का मेला शुक्रवार को बड़े ही धूमधाम के साथ भरा गया। इस दौरान रजलानी सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा की देवली पर खीर-चूरमे का प्रसाद चढ़ाते हुए क्षेत्र में सुख-समृद्धि एवं घर-परिवार में अच्छे धन-धीणे की मंगल कामना भी की गई।

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छोड़सिंह बाबा का मेला में उमड़ा श्रद्धलुओं का सैलाब

छोड़सिंह बाबा का मेला में उमड़ा श्रद्धलुओं का सैलाब

भोपालगढ़ @ पत्रिका.

उपखंड क्षेत्र के रजलानी गांव के शिवनाथनगर स्थित पहाड़ी की तलहटी में सैकड़ों वर्ष पूर्व डाकुओं से गायों की रक्षा करने के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले गोरक्षक लोकदेवता छोड़सिंह बाबा एवं सिद्धनाथ संत शिवनाथ महाराज का मेला शुक्रवार को बड़े ही धूमधाम के साथ भरा गया। इस दौरान रजलानी सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा की देवली पर खीर-चूरमे का प्रसाद चढ़ाते हुए क्षेत्र में सुख-समृद्धि एवं घर-परिवार में अच्छे धन-धीणे की मंगल कामना भी की गई।

रजलानी सरपंच पारस गुर्जर व युवा कार्यकर्ता सुनील पाड़ीवाल ने बताया कि गोरक्षक लोकदेवता बाबा छोड़सिंह महाराज ने सैकड़ों वर्ष पूर्व डाकूओं से गायों को छुड़ाकर बचाने के लिए छिड़े युद्ध में लड़ते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया था और क्षेत्र में ग्रामीणों व पशुपालकों द्वारा उन्हें लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है। उनकी याद में शुक्रवार को माघ शुक्ल चौदस के मौके पर उनके बलिदान स्थल शिवनाथ नगर स्थित पहाड़ी की तलहटी में मेला भरा गया। मेले की शुरूआत छोड़सिंह बाबा के मंदिर में प्रतिमा के समक्ष ज्योत जलाकर एवं शिखर पर ध्वजा चढ़ाकर की गई। वहीं सुबह से ही मेले में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया, जो कि शाम तक निरंतर जारी रहा। इस दौरान मेले में रजलानी, शिवनाथनगर, छापला, नाड़सर, रामनगर, शिवनगर, बासनी बुद्धा, दाड़मी, बारनी, हरसोलाव, दांतीवाड़ा, आसोप, खारिया खंगार, भोपालगढ़ व ग्वालों की ढाणी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर छोड़सिंह बाबा के थान पर दूध, खीर, दही, घी, चूरमा व नारियल-अगरबत्ती का प्रसाद चढ़ाकर अपने पशुधन की बीमारियों से सुरक्षा एवं अच्छे धन धीणे की मंगल कामना की। वहीं बाबा के मेले के उपलक्ष में कई पशुपालकों ने अपने घरों में भेज छोड़सिंह बाबा के नाम से दही-घी की जावणी चढ़ाकर धोक लगाई। वहीं मेले के दौरान खिलौने, मिठाइयां एवं विविध प्रकार की दुकानें भज सजाई गई। मेले में स्थानीय सरपंच पारस गुर्जर ने भी पूरे दिन मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत-अभिवादन किया। इस दौरान सरपंच पारस गुर्जर ने मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर व धार्मिक स्थल आस्था के केंद्र होते हैं और हमें मंदिरों में आकर अपने अच्छे स्वास्थ्य व सुख-शांति की कामना करनी चाहिए। साथ ही धार्मिक स्थानों पर आने के बाद बुराइयों को त्यागकर अच्छाइयों को ग्रहण करने का संकल्प लेकर जाना चाहिए, ताकि परिवार एवं राष्ट्र की उन्नति संभव हो सके। इस मौके पर सरपंच पारस गुर्जर के साथ ही साध्वी सुखिया बाई, पूर्व सैनिक अमरसिंह पाड़ीवाल, छापला जीएसएस अध्यक्ष किशोर डूडी छापला, बाबुलाल गोदारा, सुनील पाड़ीवाल, दौलतराम गोदारा, रूपाराम पाड़ीवाल, प्रेमाराम गिला, राकेश पाड़ीवाल, हरीश चंवेल, सीताराम जलवाणिया, रामभरोस पांगा, सुनील गुर्जर, सुगनाराम गिला व मांगीलाल पाड़ीवाल सहित रजलानी समेत भोपालगढ़ क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से आए कई श्रद्धालु नर-नारियों ने भाग लेकर बाबा की देवली पर धोक लगाई।