
एफडीडीआई में सन्नाटा: 4 में से 2 कोर्स बंद, दो में भी केवल 25 प्रतिशत सीटें भरी
जोधपुर. फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआइ) जोधपुर में इस साल एक कोर्स और बंद हो गया है। एफडीडीआइ जोधपुर के चार बैचलर डिग्री कोर्स में से इस साल 2 में ही प्रवेश प्रक्रिया हो पाई। इन दोनों में भी अब तक केवल 25 फ़ीसदी सीटें भरी हैं, जबकि स्नातकोत्तर के दो कोर्स 2 साल से बंद पड़े हैं। करीब 17 एकड़ में फैले एफडीडीआइ जोधपुर कैंपस में लगातार सन्नाटा पसरता जा रहा है। अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय में कैंपस को चला पाना मुश्किल होगा।
एफडीडीआई जोधपुर की स्थापना 2012 में हुई थी। पहला बैच एफडीडीआई रोहतक में शुरू हुआ। अगले साल जोधपुर के स्वयं के कैंपस में कक्षाएं शुरू हो गई। शुरुआत में एफडीडीआई जोधपुर में फैशन डिजाइन, फुटवियर डिजाइन, रिटेल एंड फैशन मर्चेंडाइज और लेदर गुड्स एंड एसेसरी डिजाइन के चार बैचलर डिग्री पाठ्यक्रम थे। इसके अलावा रिटेल और फैशन डिजाइन में मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम भी था।
केवल 45 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश
एफडीडीआइ जोधपुर में इस साल फैशन डिजाइन की 100 और फुटवियर डिजाइन की 75 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। दोनों कोर्स को मिलाकर केवल 45 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।
इस साल केवल 12वीं अंकों पर प्रवेश
इस साल कोविड-19 के कारण एफडीडीआइ में प्रवेश परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया। केवल 12वीं प्राप्ताकों के आधार पर प्रवेश दिया गया। फिर भी देश भर के अधिकांश एफडीडीआइ की सीटें खाली रह गई।
80 फीसदी दूसरे राज्यों के छात्र
एफडीडीआइ जोधपुर में प्रवेश लेने वाले 45 विद्यार्थियों में से 80 प्रतिशत विद्यार्थी अन्य राज्यों के हैं। राजस्थान के विद्यार्थी एफडीडीआइ जोधपुर में प्रवेश लेना नहीं चाहते हैं। प्रदेश के विद्यार्थियों की पसंद एफडीडीआइ हैदराबाद, नोएडा और चंडीगढ़ बनी हुई है। जोधपुर में अधिकांशत: उत्तर प्रदेश और बिहार के विद्यार्थी प्रवेश ले रहे हैं। गलत ट्रेंड के कारण भी जोधपुर में सीटें खाली रह रही हैं।
इस साल एफडीडीआइ में कितनें सीटें
- 12 एफडीडीआइ हैं देश में
- 2970 कुल सीटें समस्त 12 कैंपस में
- 930 सर्वाधिक फैशन डिजाइनिंग (बैचलर) की हैं सीटें
- 905 सीटें हैं फुटवियर डिजाइन (बैचलर)
- 300 सीटें बीबीए रिटेल में
- 300 सीटें एमबीए रिटेल में
- 385 सीटें लेद्र गुड्स (बैचलर) में
- 150 सीटें हैं फुटवियर डिजाइन (मास्टर डिग्री)
(एफडीडीआइ नोएडा को छोडकऱ शेष 11 एफडीडीआइ में से किसी में भी समस्त छह पाठ्यक्रमों का संचालन नहीं हो रहा है। नोएडा में इस साल 460 सीटों पर प्रवेश मिला। सबसे कम गुना और छिंडवाड़ा एफडीडीआई में केवल 120-120 सीटों पर प्रवेश दिया गया।)
Published on:
29 Dec 2020 11:23 am

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