
मशहूर कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा। फोटो पत्रिका
Sadhvi Prem Baisa : राजस्थान की मशहूर कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा का निधन हो गया। पर साध्वी प्रेम बाईसा की डेथ एक मिस्ट्री बन गई है। राजस्थान के बाड़मेर जिले के परेऊ गांव की मूल निवासी हैं साध्वी प्रेम बाईसा। साध्वी संत समाज में एक बेहद जाना-पहचाना नाम थीं। वे लंबे समय से संत परंपरा से जुड़ी हुई थीं।
कथावाचन के माध्यम से सनातन धर्म का प्रचार करती थीं। बताया जा रहा है कि साध्वी प्रेम बाईसा बीते एक साल से एक विवादित वीडियो को लेकर तनाव में थीं। इस पर साध्वी ने सार्वजनिक रूप से अग्निपरीक्षा देने की बात कही थी। उन्होंने संत समाज से अपील की थी कि अग्निपरीक्षा के लिए स्थान और तारीख तय की जाए। साध्वी का कहना था कि वह स्वयं को निर्दोष साबित करेंगी और यह दिखाएंगी कि सनातन धर्म में कितनी शक्ति है।
बताया जा रहा है कि साध्वी प्रेम बाईसा ने यह भी कहा था कि उनके खिलाफ रची गई साजिश का पर्दाफाश होगा। पुलिस अधिकारी शकील अहमद इस पूरे मामले की जांच स्वयं कर रहे थे।
जोधपुर के बोरानाडा थाना इलाके के पाल गांव स्थित आश्रम में बुधवार शाम राजस्थान की चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर प्रवीण जैन ने उन्हें 'ब्रॉड डेड' (मृत अवस्था में लाना) घोषित किया था। अस्पताल की सूचना के बावजूद परिजन शव लेकर आश्रम चले गए थे। पुलिस ने आश्रम को सील कर शव महात्मा गांधी अस्पताल मोर्चरी में रखवाया।
पुलिस अब मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करा रही है। देर रात आश्रम पर सैकड़ों भक्तों की भीड़ जमा हो गई और उसने नारेबाजी शुरू कर दी थी। समर्थक मौत की निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम की मांग कर रहे थे, जबकि उनके पिता इसके लिए तैयार नहीं थे। साध्वी पिछले साल सोशल मीडिया विवाद के बाद अध्यात्म क्षेत्र में सक्रिय थीं और मंगलवार को अजमेर में 9 दिवसीय भागवत कथा पूर्ण कर आश्रम लौटी थीं।
Updated on:
29 Jan 2026 02:38 pm
Published on:
29 Jan 2026 02:06 pm

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