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जोधपुर .
रंगदारी वसूलने को पुलिस के लिए चुनौती बने लॉरेंस विश्नोई गैंग के शूटर अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं। सरदारपुरा सी रोड पर मोबाइल व्यापारी की गोली मारकर हत्या करने वालों का पुलिस ग्यारह दिन बाद भी चारों शूटर में से किसी का भी सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस के अनुसार गत सत्रह सितम्बर की देर रात वासुदेव इसरानी की गोली मारकर हत्या में चार युवक शामिल थे। इनमें से हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट व पंजाब में मोहाली निवासी काली राजपूत को नामजद किया जा चुका है। जबकि अन्य दोनों का कोई पता नहीं लग पाया है। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस कमिश्नरेट की अलग-अलग टीमें बनाई गईं हैं। जो संदिग्धों से पूछताछ के साथ ही जोधपुर ग्रामीण और पंजाब-हरियाणा में भी तलाश कर रही है। फायरिंग में वांछित चल रहे जिले के हार्डकोर अपराधी कैलाश मांजू का भी पुलिस पिछले डेढ़ साल से सुराग नहीं लगा पाई है।
नाकाबंदी के नाम पर लीपापोती
जिले भर में पिछले कई दिनों से आपराधिक गतिविधियांबढऩेे के बावजूद नाकाबंदी को लेकर पुलिस गंभीर दिखाई नहीं दे रही। बुधवार को पत्रिका की पड़ताल में नाकाबंदी को लेकर पुलिस की लीपापोती सामने आई। न्यू पाली रोड पर नाकाबंदी के लिए मंगवाए गए बेरियर कंटीली झाडिय़ों में मिले। पत्रिका टीम के पहुंचने पर बासनी थाने के जवान हरकत में आए और बेरियर निकाल कर सड़क पर लगाया। ज्ञात रहे कि शहर में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों को लेकर हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने इन आदेशों को हल्के में लिया और नाकाबंदी में भी लीपापोती शुरू कर दी गई।
बासनी थाने में ३० बेरियर में से १० कबाड़
बासनी थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के लिए ३० बेरियर हैं जिसमें से १० बेरियर मुख्य चौराहों पर नाकाबंदी के लिए लगाए गए। शेष बेरियर में से १० थाने के अंदर व १० तकनीकी कारणों के चलते कबाड़ हो चुके हैं।
दो घंटे में ही सुचारू की नाकाबंदी व्यवस्था
पत्रिका की पड़ताल के बाद पुलिस हरकत में आई। बासनी थाना अधिकारी राजेश यादव ने नाकाबंदी बेरियर झाडिय़ों में पड़े होने की सूचना को गंभीरता से लेते हुए कांस्टेबल को मौके पर भेजा और नाकाबंदी सुचारू करवाई।
Published on:
28 Sept 2017 04:38 pm

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