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जोधपुर में प्रथम जैन तीर्थंकर कैवल्य वाटिका

जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों ने जिन वृक्षों के नीचे रहकर तप साधना की उसी प्रजाति के पौधों का हुआ रोपण

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जोधपुर में प्रथम जैन तीर्थंकर कैवल्य वाटिका

जोधपुर में प्रथम जैन तीर्थंकर कैवल्य वाटिका

जोधपुर. महावीर जैन नवयुवक मण्डल एवं भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति की ओर से रविवार को पावटा स्थित भगवान महावीर उद्यान में जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों ने जिन-जिन वृक्षों के नीचे रहकर तप साधना कर केवल्य ज्ञान प्राप्त किया उसी अनुरूप राजस्थान में पावापुरी के बाद जोधपुर में प्रथम 'तीर्थंकर कैवल्य वाटिकाÓ में 24 पौधों का रोपण किया गया। समिति अध्यक्ष शरद सुराणा व सचिव मितेश जैन ने बताया कि विधिकारक नितेश पालेचा ने जैन विधि से आचार्य राजतिलकविजय व बाल मुनि मोक्षतिलकविजय के सान्निध्य में पौधरोपण किया गया। समिति के धीरज रांका ने भजन प्रस्तुत किए। समिति के प्रवीण सुराणा ने बताया कि वडौदरा, बिहार स्थित पावापुरी, हिमाचल स्थित कांगडी, जम्मू, शम्मेदशिखर आदि स्थानों से विशेष पौधे मंगवाए गए। पौधरोपण में सहायक पुलिस आयुक्त यातायात पश्चिम रविंद्र कुमार बोथरा, राजेश कर्णावट, विशाल भंडारी विशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद थे।समिति के तरूण कटारिया ने आभार ज्ञापित किया।

पेड़ का नाम जिसके नीचे तीर्थंकरों ने की साधना
तीर्थंकर भगवान ऋ षभदेवजी- वट वृक्ष, तीर्थंकर भगवान अजितनाथजी- सप्तपर्ण वृक्ष, तीर्थंकर भगवान सम्भवनाथजी-साल वृक्ष, तीर्थंकर भगवान अभिनन्दनजी- प्रियाल वृक्ष, तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथजी-प्रियंगु वृक्ष, तीर्थंकर भगवान पदमप्रभुजी-वट वृक्ष, तीर्थंकर भगवान सुपाश्र्वनाथजी-शिरीष वृक्ष, तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभुजी-नाग केसर, तीर्थंकर भगवान सुविधिनाथजी-शाल वृक्ष, तीर्थंकर भगवान शीतलनाथजी-बहेडा, तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथजी-तेदुं, तीर्थंकर भगवान वासुपूज्यजी-पाटला, तीर्थंकर भगवान विमलनाथजी-जम्बू, तीर्थंकर भगवान अनंतनाथजी-पीपल, तीर्थंकर भगवान धर्मनाथजी-दधिपर्ण, तीर्थंकर भगवान शांतिनाथजी-नन्दी, तीर्थंकर भगवान कुंथुनाथजी-तिलक, तीर्थंकर भगवान अरनाथजी-आम्र, तीर्थंकर भगवान मल्लिनाथजी-अशोक, तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतजी-चम्पक, तीर्थंकर भगवान नमिनाथजी-मौलसिरी, तीर्थंकर भगवान अरिष्टनेमिजी-मेषश्रृंग, तीर्थंकर भगवान पाश्र्वनाथजी-धव, तीर्थंकर भगवान महावीर-साल।