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पानी बढऩे से महज पांच घंटे पहले बाढ़ में फंसे 15 युवकों को निकाला

जिस कंपनी में युवक काम करते थे उसके मालिक ने अपने परिवार वालों से पहले युवकों को बचाया केरल बाढ़ में जोधपुर समैत राजस्थान के 15 युवक फंसे थे
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Five hours before the rise of water, 15 youths stranded in the flood

पानी बढऩे से महज पांच घंटे पहले बाढ़ में फंसे 15 युवकों को निकाला


जोधपुर.
केरल के एर्नाकुलम में आई बाढ़ में फंसे राजस्थान के 15 युवकों को चार दिन बाद रेस्क्यू कर बचा लिया गया। चार दिन तक युवकों को बचाने के लिए प्रशासन व आपदा प्रबंधन से कोई नहीं आया। इस पर कंपनी के मालिक ने शनिवार को पानी का स्तर कम होते ही ट्रक की मदद से पहले कंपनी में काम करने वाले 15 युवकों को रेस्क्यू किया फिर अपने परिवार को बचाया। रेस्कयू करने के महज 5 घंटे बाद डैम से पानी छोडऩे पर पानी का स्तर बढ़ गया। एर्नाकुलम में बाढ़ बारिश के पानी से नहीं डैम के पानी छोडऩे से आई। बाढ़ से सुरक्षित निकलने के बाद युवक में कैम्प ठहरें हैं, जहां से उन्हें हवाई मार्ग के जरिए राजस्थान लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
खुद का घर डूबते छोड़ कर्मचारियों को बचाया
जोधपुर के निंबा निंबड़ी में रहने वाले राजू सिंह ने बताया कि उसके साथ राजस्थान के 14 युवक शहनवाज की चटाई बनाने की कंपनी में काम करते हैं। कंपनी के मालिक शहनवाज उनके घर से आधा किलोमीटर दूर परिवार के साथ रहते है। शनिवार को पानी का स्तर कम होने पर शहनवाज लोकल लोगों की मदद से एक ट्रक लेकर आए। ट्रक पानी में न फंसे इसके लिए ट्रक के उपर साइलेंसर लगा पहले हमें बचाया फिर अपने परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के महज पांच घंटे बाद डैम से पानी छोडऩे के बाद फिर से बाढ़ आ गई। इसमें शहनवाज का घर डूब गया। आधा किलोमीटर तैरकर पानी और खाना लेकर आए।
डैम का पानी छोडऩे से आई बाढ़
केरल में हर साल कई दिनों तक लगातार बारिश होती हैं। इस बार ज्यादा था लेकिन बारिश के पानी से बाढ़ के हालात नहीं थे। क्षेत्र में उड़की डैम आ रखा है, जिसमें पानी खतरे के संकेत तक बढ़ गया था। पांच दिन पहले डैम का पानी छोडऩे से एर्नाकुलम व उसके आस-पास के सभी गांव पानी में डूब गए। चार दिन बाद शनिवार सुबह क्षेत्र में पानी का स्तर कम हुआ लेकिन शाम को फिर से डैम का पानी छोडऩे पर बाढ़ से हालात हो गए।
लोगों ने बचने के लिए घास-फूस से नाव बनाई
बाढ़ में फंसे लोगों के लिए सबसे बड़ी मुश्किल खाना और पानी की व्यवस्था करने में आ रही हैं। इधर रेस्क्यू टीमें हर जगह नहीं पहुंच पाने के कारण लोगों ने अपने स्तर पर ही प्लास्टिक के कैरीबेग में घास-फूस डालकर छोटी नावें बनाई हैंं। जिसमें केवल एक ही शख्स के बैठने की जगह होती है। जुगाड़ से बनी नाव से आस-पास के क्षेत्रों से खाने और पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
जोधपुर की सेना ने दो दिन में 286 लोगों को बचाया
जोधपुर की कोणार्क कॉप्र्स की पांच टास्क फोर्स ने शुक्रवार से केरल बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही हैं। कर्नल सेम्बित घोष ने बताया कि टास्क फोर्स ने दो दिन में तीन गर्भवती महिलाओं समैत 286 लोगों को रेस्क्यू कर बचाया।

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