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स्वतंत्रता दिवस पर 88 साल बाद गजकेसरी योग…जानिए क्या होगा खास

संकष्टी चतुर्थी के साथ मीन राशि में योग देश के लिए शुभ

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स्वतंत्रता दिवस पर 88 साल बाद गजकेसरी योग...जानिए क्या होगा खास

स्वतंत्रता दिवस पर 88 साल बाद गजकेसरी योग...जानिए क्या होगा खास

जोधपुर. पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और इस बार आजादी की रात यानि 14 व 15 अगस्त 1947 की दरमियानी रात आजाद हुए भारत की रात 12 बजे बनी कुंडली के मुताबिक आने वाला साल देश के लिए कई मामलों में विशेष रह सकता है। ज्योतिषियों के अनुसार इस बार 15 अगस्त के दिन मीन राशि में गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है। इससे पहले 15 अगस्त 1934 में कन्या राशि में गजकेसरी योग बना था। इस दिन भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी तिथि से अतिशुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस लिहाज से ये दिन बेहद खास महत्व रखने वाला है। ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग को सबसे बलवान और भाग्य को बदलने वाला माना गया है। इस दिन उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र और धृति योग रात 11:22 मिनट तक रहेगा।

वर्तमान में भारत पर चंद्रमा की महादशा

75 साल पहले 14 व 15 अगस्त 1947 की दरमियानी रात 12 बजे स्वतंत्र भारत की कुंडली के अनुसार यह वृषभ लगन की जन्म कुंडली है जिसमें लगन में राहु मौजूद हैं जबकि मंगल द्वितीय भाव यानि मिथुन राशि में है। वहीं इस कुंडली के तृतीय भाव में सूर्य चंद्र शनि बुध शुक्र ये पांच ग्रह कर्क राशि में बैठे हैं। इसके बाद तुला राशि के छठे भाव यानि रोग व शत्रु भाव में गुरु हैं। जबकि सप्तम भाव में वृश्चिक राशि में केतु बैठे हैं। ग्रह गोचर को देखे तो स्वतंत्र भारत की कुंडली नंबर 2 राशि वृष लग्न और कर्क राशि की है। लग्न और लग्नेश की चर्चा करे तो वृष लग्न मे राहू विराजमान है लग्नेश का स्वामी शुक्र है। शुक्र गृह को कला, सौन्दर्य, रचना, संगीत का कारक माना जाता है यही कारण है भारत का सिनेमा विश्व प्रसिद्ध है व यहां की कला की विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान है । परंतु लग्न का राहू देश की राजनीति में उठापटक करता है।

कुंडली में चंद्रमा अनुकुल

ज्योतिष अनीष व्यास ने बताया कि वर्तमान में भारत पर चंद्रमा की महादशा चल रही है स्वतंत्र भारत की कुंडली में चंद्रमा अनुकुल है। मंगल सूर्य गुरु बुध सहित विभिन्न ग्रहों के प्रभाव से इस दौरान जहां भारत की धाक देश विदेश में देखने को मिलेगी वहीं आर्थिक मोर्चों पर भी इस समय देश लगातार तरक्की करते हुए नए नए कीर्तिमान बना सकता है। राजनीति में उतार-चढ़ाव का दौर चलता रहेगा और कई राज्यों में सत्ता और संगठन में परिवर्तन की संभावना है। धरना प्रदर्शन जुलूस आंदोलन कोर्ट कचहरी मुकदमा रेल दुर्घटना पुलिस बैंक विदेश नीति ज्वालामुखी मनोरंजन कॉमेडी डांसर भूमि विवाद सभी चर्चा में रहेंगे यानि कोई न कोई विवाद आंदोलन होगा। प्राकृतिक आपदा के साथ दुर्घटनाएं अग्नि कांड और बीमारी की संभावना भी है।