जोधपुर. मौत का एक दिन मुअय्यन है, नींंद क्यूं रात भर नहीं आती। मिर्जा गालिब ने दो शताब्दी पहले एक शेर में यह सवाल पूछा था, जो आज आम आदमी की परेशानी से जुड़ा सवाल है। कई लोगों को रात को नींद नहीं आती और जिन्हें नींद आती है, उन्हें खर्राटे आते हैं। जोधपुर एम्स ने इसका जवाब देते हुए नींद न आने और खर्राटों पर रविवार को राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया। एम्स निदेशक डॉ. संजीव मिश्रा ने सेमिनार का उद्घाटन किया। सेमिनार में बताया गया कि एक आम आदमी के लिए भरपूर नींद लेना आवश्यक है, इससे सेहत अच्छी रहती है।
ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया और सांस के रोगों पर व्याख्यान
सेमिनार में राजस्थान डॉ. जे सी सूरी, डॉ. एम के सैन, डॉ. दीपक भट्टाचार्य,डॅा. अनिमेष रे,डॉ. राहुल शर्मा,डॉ. प्रणव ईश, डॅा. के सी अग्रवाल, डॉ. नीरज गुप्ता, डॅा. गोपाल पुरोहित, डॉ. सी आर चौधरी, डॅा. विकास पिलानिया और डॉ. राजेंद्र ताखर और जोधपुर एम्स से डॉ. एम के गर्ग, डॉ. नवीन दत्त, डॉ. निशांत चौहान और डॉ. रामनिवास ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया और सांस के रोगों पर व्याख्यान के माध्यम से भागीदारी निभा रहे हैं।
समस्या का समाधान बताया
उन्होंने नींद न आने के कारणों पर बात की और चिकित्सा विज्ञान के अनुसार इस समस्या का समाधान बताया। इस मौके अकादमिक डीन कुलदीपसिंह और चिकित्सा अधीक्षक कुलदीप सिन्हा ने सहभागिता निभाई। आयोजन सचिव डॉ. रामनिवास ने संयोजन किया।
ये बताए नींद न आने और खर्राटे के कारण-
-मधुमेह रोग के कारण
-ब्लड प्रेशर की बीमारी की वजह से
-मोटर वाहन दुर्घटना के कारण