अय्यर की टिप्पणी से समाज के लोगों में आक्रोश
जोधपुर . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अशोभनीय शब्द का प्रयोग कर सम्पूर्ण घांची जाति का अपमान करने का आरोप लगाते हुए घांची समाज जोधपुर की ओर से रविवार को मौन रैली का आयोजन किया। घांची समाज के प्रवक्ता गौरी शंकर बोराणा और घांची महासभा के पूर्व महासचिव राजेंद्र भाटी ने बताया कि मौन रैली रविवार दोपहर घांची न्याति नोहरा थिएटर से रवाना होकर जालोरी गेट और सोजती गेट होते हुए नई सड़क चौराहे पर पहुंचने के बाद विरोध प्रदर्शन के बाद संपन्न हुई।
यह है पूरा प्रकरण
पीएम मोदी के एक बयान पर टिप्पणी देते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा था जो अंबेडकर जी की सबसे बड़ी ख्वाहिश थी, उसे साकार करने में एक व्यक्ति का सबसे बड़ा योगदान था, उनका नाम था जवाहरलाल नेहरू। अब इस परिवार के बारे में ऐसी गंदी बातें करें, वो भी ऐसे मौके पर जब अंबेडकर जी की याद में बहुत बड़ी इमारत का उद्घाटन किया गया। मुझे लगता है कि ये आदमी बहुत नीच किस्म का है। इसमें कोई सभ्यता नहीं है। ऐसे मौके पर इस प्रकार की गंदी राजनीति की क्या आवश्यकता है। उनके इस विवादित बयान पर कांग्रेस ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। इससे पहले खुद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अय्यर को माफी मांगने के लिए कहा था। जिसके बाद अय्यर ने अपने बयान पर सफाई दी थी।
भले ही मैं नीच हूं, लेकिन मेरे संस्कार ऊंचे हैं : मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे भले ही नीच कहा है, लेकिन मेरे संस्कार ऊंचे हैं और आप लोग अपनी गरिमा मत छोडि़एगा। आपको बता दें कि बीते गुरुवार को मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी को लेकर बेहद ही आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए नीच इंसान बताया था। मणिशंकर अय्यर पीएम मोदी के राहुल गांधी को लेकर दिए गए औरंगजेब वाले बयान पर पलटवार कर रहे थे।
राहुल ने ट्वीट में कहा कि...
अय्यर के बयान के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि बीजेपी और प्रधानमंत्री लगातार कांग्रेस पर हमला करने के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस पार्टी में अलग तरह की परंपरा और विरासत रही है। मैं पीएम मोदी को संबोधित करने के लिए मणिशंकर अय्यर द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा और तरीके का समर्थन नहीं करता। कांग्रेस और मैं दोनों चाहते हैं कि जो भी उन्होंने कहा उसके लिए वो माफी मांगें।