
' Give Contribute to the closure, Cancer train of Panjab to Bikaner '
जोधपुर
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राधेश्याम शर्मा ने कहा कि होम्योपैथी चिकित्सकों की जिम्मेदारी है कि होम्योपैथी में असाध्य रोग कैंसर का उचित इलाज ढूंढ कर पंजाब से बीकानेर के बीच चलने वाली कैंसर ट्रेन बंद करवाने का योगदान दें।
शर्मा शनिवार को जोधपुर के निराली ढाणी में आयोजित दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय होम्योपैथी वर्कशॉप को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। प्रो. शर्मा ने कहा कि हमें होम्योपैथी पद्धति के नवाचारों को अपनाते हुए सभी असाध्य रोगों के कारगर इलाज पर फोकस करना होगा। असाध्य रोगों के निदान से ही होम्यापैथी चिकित्सा को आगे बढ़ा सकते हैं।
वर्कशॉप में मुख्य वक्ता के रूप में ग्लीज एकेडमी ऑफ होम्योपैथिक फिजिशियन जर्मनी के डॉ. कल्आज हेनिंग गिप्सर ने होम्योपैथिक चिकित्सा के 5 आधारभूत सिद्वान्तों पर विस्तार से बताया। जोधपुर होम्योपैथी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र पटवा ने बताया कि जोधपुर में पहली बार आयोजित वर्कशॉप को जर्मनी की होम्योपैथ विशेषज्ञ हाईकी गिप्सर, सीसीआरएच के चेयरमैन डॉ. जेडी दरयानी व सीसीएच लखनऊ के सदस्य डॉ. अनिरूद्ध वर्मा ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता होम्योपैथी यूनिर्वसिटी जयपुर के रजिस्ट्रार डॉ. तारकेश्वर जैन ने की। वर्कशॉप में होम्योपैथी चिकित्सा के जरिए लोगों को अधिक से अधिक कैसे जोड़कर लाभांवित किया जा सकता है पर चर्चा हुई। डॉ. मनचंदा ने चर्म रोगों का होम्योपैथी में इलाज के बारे मेंं जानकारी दी। वर्कशॉप में जर्मनी, सउदी अरब सहित देश के कई होम्योपैथी चिकित्सक भाग ले रहे हैं। रविवार को वर्कशॉप में डॉ. गिप्सर, डॉ. मनचन्दा, डॉ. आदित्य कौशिक, डॉ. महेन्द्र पटवा अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगें।
Published on:
06 Oct 2018 11:11 pm
