यह है मामला
सरकारी चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी राजस्थान हाइकोर्ट ने बालेसर स्वास्थ्य केंद्र के डॉ तुलसी राम व नर्स मिनाक्षी आचार्य के खिलाफ बालेसर न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां आईपीसी 304 ए के तहत जारी मुकदमे की कार्यवाही को निरस्त कर दिया। जस्टिस संदीप मेहता ने यह आदेश याचिका कर्ता डॉ तुलसी राम व अन्य की ओर से सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर विविध आपराधिक याचिका को स्वीकार करते हुए दिए। याचिका कर्ता की और से अधिवक्ता आरएस गहलोत ने यह तर्क दिया था कि सीआरपीसी की धारा 197 के तहत सरकारी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकारी मंजूरी आवश्यक है, जो इस मुकदमे में नही ली गई।