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यात्री नहीं मिलने से हमसफर ट्रेनों से हुआ करीब ३ करोड़ का नुकसान

  - जोधपुर मंडल की दोनों हमसफ र के यहीं हाल

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जोधपुर

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Amit Dave

Dec 09, 2018

jodhpur

jodhpur

जोधपुर।

रेल मंत्रालय ने यात्रियों को आधुनिक सुविधायुक्त ट्रेनों में सफर कराने के उद्देश्य से जोधपुर मण्डल में दो हमसफर टे्रन सेवा का संचालन शुरू किया था। लेकिन यात्रियों के नहीं मिलने से हमसफर का सफर रेलवे पर भारी पड़ता जा रहा है। मण्डल में संचालित दोनों हमसफर ट्रेनों से अब तक करीब ३ करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हो चुका है। जोधपुर मंडल से दो हमसफ र ट्रेन गाड़ी संख्या 19044 जोधपुर-बान्द्रा साप्ताहिक व गाड़ी संख्या 14815 जोधपुर- ताम्बरम साप्ताहिक संचालित होती है। इनमें जोधपुर-बान्द्रा का मंडल के पाली स्टेशन पर ठहराव होता है व जोधपुर -ताम्बरम एक्सप्रेस का मंडल के किसी स्टेशन ठहराव नहीं होता है। इससे मंडल के अन्य स्टेशनों के यात्रियों को इस पूर्ण वातानुकूलित हमसफ र ट्रेन में यात्रा करने का लाभ नहीं मिल पाता है जबकि इन दोनों हमसफ र ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या भी बहुत कम है। ऐसे में रेलवे को करोड़ों रुपयों का राजस्व नुकसान हो रहा है। फि र भी रेलवे मंडल के अन्य स्टेशनों पर इस गाड़ी का ठहराव नहीं कर रहा है। मंडल के मेड़तारोड, डेगाना, कुचामन सिटी स्टेशनों पर अगर ठहराव हो तो यात्री भार के साथ राजस्व वृद्धि भी होगी ।

भगत की कोठी- ताम्बरम से हुआ करीब 2 करोड़ का नुकसान

दीनदयाल बंग द्वारा सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के अनुसार भगत की कोठी-ताम्बरम साप्ताहिक हमसफ र के पिछले छह माह के आंकड़ों पर नजर डाले तो 1152 यात्रियों की क्षमता वाली इस गाड़ी में औसतन सिर्फ 727 यात्रियों ने यात्रा की है। गाड़ी के करीब 40 प्रतिशत खाली चलने के चलते रेलवे को करीब २ करोड़ रुपयों का राजस्व नुकसान हो चुका है । जोधपुर से जयपुर के बीच नॉनस्टोप चलने वाली यह गाड़ी इन दोनों स्टेशनों के बीच तो लगभग 50 प्रतिशत से ज्यादा खाली चल रही है। यह ट्रेन जोधपुर से रवाना होकर सीधे 313 किमी दूरी तय करने के बाद सीधे जयपुर स्टेशन पर ही ठहराव करती है ।

भगत की कोठी- बान्द्रा का भी यही हाल

भगत की कोठी- बान्द्रा हमसफर के पिछले छह माह के आंकड़ों को देखें तो यह ट्रेन भी 35 प्रतिशत खाली चल रही है। 1152 यात्रियों की क्षमता वाली इस ट्रेन में औसतन हर बार औसतन 764 यात्रियों ने यात्रा की है। इस रेल सेवा से रेलवे को करीब एक करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हुआ है ।