
दो कंटेनर का भुगतान अटका था, लाखों की उधारी से परेशान था निर्यातक
जोधपुर।
बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र में एसइजेड स्थित हैण्डीक्राफ्ट की एक फैक्ट्री में जहरीला कैमिकल खाकर आत्महत्या करने वाले निर्यातक के अमरीका में दो कंटेनर का भुगतान अटका हुआ था। इतना ही नहीं, उस पर लाखों रुपए की उधारी हो रखी थी। इसी से परेशान होकर उसने जान दी थी। (Sucide by handicraft exporter)
बोरानाडा थानाधिकारी देवीचंद ढाका ने बताया कि मूलत: झुंझुनूं जिले में दिलावरपुर हाल एसइजेड में गायत्री फर्नीचर के मालिक बाबूलाल जांगिड ने गत मंगलवार शाम फैक्ट्री में जहरीला कैमिकल खा लिया था। एम्स में इलाज के दौरान बुधवार शाम उनकी मृत्यु हो गई थी। मृतक के भतीजे कपिल जांगिड ने उत्तर प्रदेश निवासी चन्द्रप्रकाश यादव और एक अन्य चन्द्र खण्डेलवाल के खिलाफ आत्महत्या को दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज कराया है। मृतक के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने फैक्ट्री में उत्पादन के संबंध में रुपए मांगने वालों के नाम व रुपए लिखे थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजन को सौंपा।
दलाल ने ऑर्डर दिलाया, पूरा नहीं कराया, कमीशन लिया
पुलिस का कहना है कि बाबूलाल जांगिड फैक्ट्री में लकड़ी के चोपर बनाकर निर्यात करता था। विदेश में चोपर की मांग है। यूपी का ब्रोकर चन्द्रप्रकाश यादव ने अमरीका में चोपर निर्यात करने के लिए ऑर्डर दिलाया था। माल तैयार करवा लिया गया। नौ कंटेनर अमरीका भेजे गए थे। जिनका भुगतान आ गया था, लेकिन दो कंटेनर का भुगतान अटका हुआ था।
बाजार में कई लोगों से थी उधारी
दूसरा आरोपी चन्द्र खण्डेलवाल ने निर्यातक को उधार रुपए दिए थे। जो लौटाने के लिए दबाव डाल रहा था। वह कहां का रहने वाला है यह पता नहीं लग पाया है। इसके अलावा भी चोपर बनाने के संबंध में बाबूलाल पर लाखों रुपए की उधारी हो रखी थी। जो वह भुगतान नहीं कर पा रहा था।
Published on:
16 Jun 2023 12:27 am
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
