
stay on library shifting
राजस्थान हाईकोर्ट ने उम्मेद उद्यान में स्टेट समय से संचालित ऐतिहासिक सुमेर पब्लिक लाईब्रेरी को अन्यत्र स्थानांतरित करने पर रोक लगा दी है। वरिष्ठ न्यायाधीश गोविन्द माथुर व न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की खण्डपीठ में बुधवार को अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण याचिकाकर्ता जया जैन व नितिन ओझा ने अपनी पैरवी स्वयं करते हुए न्यायालय से स्थानांतरण पर रोक लगाने का अनुरोध किया। सुनवाई के दौरान पुस्तकालय के दिव्यांग, दृष्टिबाधित, वृद्ध और अन्य पाठक उपस्थित थे।
अतिरिक्त महाधिवक्ता के बार-बार स्थानांतरण के अनुरोध पर न्यायालय ने एएजी से पूछा कि जनहित में म्यूजियम अधिक जरूरी है अथवा लाईब्रेरी। इस पर उन्होंने इसकी सांख्यिकी मांगी। न्यायालय ने एएजी से स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि सुमेर लाईब्रेरी उम्मेद उद्यान में ही स्थापित हो। कोर्ट ने 20 दिसम्बर तक बजट एवं भवन निर्माण की कार्रवाई शुरू करने की सक्षम स्वीकृति प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि सरकार द्वारा उम्मेद उद्यान में वर्ष 1935 से संचालित सुमेर पब्लिक लाईब्रेरी को मरम्मत के नाम पर सोजती गेट के अंदर स्थित नगर निगम के पुराने भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। जिसको चुनौती देते हुए पाठकों की ओर से अधिवक्ता विनय जैन व दर्शन जैन ने याचिका पेश कर कहा कि उक्त भवन भीड़ भरे इलाके में स्थित है तथा वहां पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि उक्त भवन भी इतना पुराना है कि उसे मरम्मत की दरकार है। इसलिए लाईब्रेरी शिफ्ट करना गलत है। वर्तमान स्थान पर लाईब्रेरी भवन की मरम्मत लाइब्रेरी के संचालित रहते भी की जा सकती है। अत: शिफ्टिंग पर रोक लगाई जाए।
Published on:
30 Nov 2016 07:34 pm

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