याचिका में आयोजना विभाग के 21 अगस्त के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस के समारोह पर दिए गए उद्बोधन की पालना में इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले स्मार्टफोन के गारंटी कार्ड देने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास बालिया व अधिवक्ता संजीत पुरोहित ने कहा कि स्मार्टफोन के गारंटी कार्ड देने की योजना कल्याणकारी गतिविधियों की श्रेणी में नहीं आती और यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 के प्रावधानों पर भी खरी नहीं उतरती। स्वतंत्रता दिवस पर की गई सीएम की घोषणा की पालना में जिस तरह स्मार्टफोन गारंटी कार्ड की योजना का प्रचार-प्रसार किया है, वह स्पष्ट रूप से आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी के अंतर्निहित राजनीतिक एजेंडे को दर्शाता है। खंडपीठ ने अतिरिक्त महाधिवक्ता संदीप शाह को जवाब दाखिल करने को कहा है।