
बच्चों से भीख मंगाई तो परिजन पर दर्ज होगी एफआइआर
जोधपुर.
ट्रैफिक सिग्नल पॉइंट पर कार या अन्य वाहनों के रूकते ही छोटे-छोटे बच्चे हाथ बढ़ाकर भीख मांगने लग जाते हैं। अन्य जगहों पर भी सड़कों पर भिक्षावृत्ति की तलाश में बच्चे घूमते दिखाई दे जाते हैं। बच्चों के भीख के लिए सड़कों पर आने से हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। वहीं, बाहर से आने वालों के समक्ष जोधपुर की छवि भी खराब होती है। इनकी रोकथाम के लिए पुलिस कमिश्नर जोस मोहन ने पहल कर भीख मांगने वाले बच्चों को सुधार गृह भेजने और भीख मंगवाने वाले परिजन के खिलाफ जेजे एक्ट में कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
वाहन रूकते ही भीख मांगने को नजर आते हैं नन्हें-मुन्ने
शहर के अमूमन हर प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट पर ट्रैफिक सिग्नल लाइट की वजह से रूकने वाले वाहन चालकों को न सिर्फ महिलाएं व युवतियां बल्कि नन्हें-मुन्ने बच्चे भीख मांगने के लिए घेर लेते हैं। बच्चों में अधिकांशत: नन्हें-मुन्ने बच्चे होते हैं। वहीं, कई बच्चे ट्रैफिक सिग्नल लाइट होने पर रूकने वाली कारों के कांच साफ करने के बहाने भीख मांगते हैं। जो जेजे एक्ट में कानूनी अपराध है।
हर समय दुर्घटना का अंदेशा
वाहनों के रूकते ही भीख की आस में छोटे-छोटे बच्चे सड़कों की तरफ भागने लगते हैं। इससे कई बार हादसे का डर होने लग जाता है। वहीं, अचानक सड़क पर आने से वाहन भी अनियंत्रित हो जाते हैं।
वीडियोग्राफी करने के बाद होगी कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर ने कमिश्नरेट के सभी अधिकारियों को ऐसे बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाने व ऐसा कराने वाले परिजन के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके लिए सादे वस्त्रों में पुलिस पहले वीडियोग्राफी करेगी और फिर बच्चों को दस्तयाब कर सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश करेगी। भीख मंगाने वाले परिजन के खिलाफ जेजे एक्ट में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। जेजे एक्ट में पांच साल तक सजा का प्रावधान है।
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'कोई भी माता-पिता या अन्य परिजन बच्चों से भीख नहीं मंगवा सकते हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर सरकारी संस्था भेजा जाएगा।Ó
जोस मोहन, पुलिस कमिश्नर जोधपुर।
Published on:
18 Jul 2021 11:17 am
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