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जोधपुर की जोजरी समेत देश की 8 छोटी नदियां होगी पुनर्जीवित, आईआईटी कानपुर बनाएगी साफ-सफाई की योजना

मारवाड़ की गंगा कही जाने वाली जोजरी नदी के साथ ही वाराणसी की दोनों छोटी नदियों वरुणा व अस्सी, दिल्ली के नजफगढ़ नाला, इंदौर की कान्स और कानपुर की सिसामहू नदी को परियोजना में शामिल किया गया है। जोजरी लूणी नदी की सहायक नदी है।

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IIT kanpur will clean jojari and small rivers of jodhpur region

जोधपुर की जोजरी समेत देश की 8 छोटी नदियां होगी पुनर्जीवित, आईआईटी कानपुर बनाएगी साफ-सफाई की योजना

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने अब बड़ी नदियों के साथ देश की छोटी नदियों को पुनर्जीवित करने की कवायद शुरू की है। पहले चरण में जोधपुर की जोजरी सहित देश की आठ नदियां में पूरे साल जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) कानपुर स्थित सेंटर फॉर गंगा रिवर बेसिन मैनजमेंट स्टडीज के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. विजय तारे को जिम्मा सौंपा गया है।

मारवाड़ की गंगा कही जाने वाली जोजरी नदी के साथ ही वाराणसी की दोनों छोटी नदियों वरुणा व अस्सी, दिल्ली के नजफगढ़ नाला, इंदौर की कान्स और कानपुर की सिसामहू नदी को परियोजना में शामिल किया गया है। जोजरी लूणी नदी की सहायक नदी है। यह नागौर के पोंदलू गांव से निकलकर जोधपुर के खेजड़ली के समीप लूणी में मिल जाती है। हाल ही राष्ट्रीय राजमार्ग के कारण अराबा गांव के पास जोजरी अवरुद्ध हो गई है।

बनेगा समन्वित दृष्टिकोण पत्र
प्रो. टारे जोजरी में जल प्रवाह बनाए रखने के साथ जोधपुर की भू-जल व पेयजल व्यवस्था को लेकर समन्वित दृष्टिकोण पत्र बनाकर मंत्रालय को सौंपेंगे। इसमें जोधपुर के बढ़ते भू-जल की समस्या, नदी में बढ़ रहा औद्योगिक प्रदूषण, कायलाना व तख्तसागर का कैचमेंट एरिया, पानी आपूर्ति, गंदे जल की निकासी, किसानों के लिए उपचारित पानी की व्यवस्था को शामिल किया जाएगा। संभवत: अप्रेल में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर में यह दृष्टिकोण पत्र लोकार्पित करेंगे। इसके बाद विभिन्न चरणों में कार्य शुरू होगा।

13 बड़ी नदियों की डीपीआर
जल शक्ति मंत्रालय से पहले केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) को देश की 13 बड़ी नदियों पुनर्जीवित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का टास्क दिया था। इसमें राजस्थान की लूणी नदी के अलावा ब्रह्मपुत्र, व्यास, चेनाब, झेलम, रावी, सतलज, गोदावरी, महानदी, नर्मदा, कृष्णा, यमुना शामिल है। लूणी नदी की डीपीआर जोधपुर स्थित आफरी ने तैयार की है।

इनका कहना है...
नदियों की साफ-सफाई के लिए प्रो. टारे के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। जोजरी नदी अगले पांच साल में साफ हो जाएगी।
-गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री