
मारवाड़ के चार जिलों में कबर 'बिज्जू अब पूरी तरह लुप्त ..जानिएं मुख्य वजह
जोधपुर. समूचे मारवाड़ में संकटग्रस्त प्राणी 'बिज्जू स्मॉल इंडियन सिवेट याने बिज्जू अब जोधपुर सहित बाड़मेर, जैसलमेर व पाली जिले में पूरी तरह लुप्त हो चुके है। कार्निवोरा समूह के विवरिडी परिवार के मांसाहारी वन्यजीव मारवाड़ में सिर्फ दो जिलों में ही मात्र 12 ही बचे हैं। वनविभाग की नवीनतम सैन्सस में जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर में बिज्जू की संख्या शून्य हो चुकी है। विरान जगहों, बिलों व चट्टानों के पीछे और झाडिय़ों के नीचे घर बनाकर रहने वाले रात्रिचर प्राणी बिज्जू को पांच दशक पूर्व जोधपुर जिले में अंतिम बार देखा गया था। शरीर पर काली धारियां व पूंछ पर काली रिंग वाले आकर्षक वन्यजीव का जोड़ा पांच साल पहले भीनमाल क्षेत्र से रेस्क्यू कर माचिया जैविक उद्यान में लाया गया था । लेकिन वे भी नहीं बचे। समूचे मारवाड़ में संकटग्रस्त प्राणी माने जाने वाले 'बिज्जू स्मॉल इंडियन सिवेट याने बिज्जू की संख्या थार में लगातार कम हो रही है। कार्निवोरा समूह के विवरिडी परिवार के मांसाहारी वन्यजीव की संख्या पूरे प्रदेश में भी लगातार कम हो रही है।
फेक्ट फाइल
वैज्ञानिक नाम : विवेरिकुला इंडिका
पहचान : शरीर पर काली धारियां व पूंछ पर काली रिंग
खुराक : चूहे, सांप, मृत मवेशी
जीवनकाल : 8 से 10 वर्ष
कहां पर ज्यादा : 300 एमएम वर्षा से कम वाले क्षेत्र में नहीं मिलता
वनविभाग की नवीन सैन्सस में बिज्जू
नाम ----------सिरोही---जालोर---पाली--जोधपुर
कबर बिज्जू----11------01-------00-------00
अनुमति मिलने पर बन सकता है जोड़ा
हाल ही में पाली जिले के जाडन से एक कबर बिज्जू मेल को रेस्क्यू कर जोधपुर लाया गया है। इससे पहले एक सांचोर से लाई गई मादा बिज्जू माचिया उद्यान में है। सीजेडए से अनुमति मिलती है तो इनका जोड़ा बनाया जाएगा।
विजय बोराणा, उपवन संरक्षक वन्यजीव जोधपुर
Published on:
02 Jul 2022 10:44 am
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