जोधपुर. बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व जोधपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रामलीला मैदान में नगर निगम उत्तर एवं दक्षिण की ओर से गोधूलि बेला में करीब 80 फीट रावण के पुतला 2 मिनट में ही ढ़ेर हो गया, जबकि निगम ने दावा किया था कि इस बार रावण 5-7 मिनट तक जलेगा। रावण के परिजन मेघनाथ , कुंभकरण, सूर्पनखा ,और ताड़का के पुतले तो 42 सैकंड में ही ढ़ेर हो गए। नगर निगम उत्तर और दक्षिण ने संयुक्त रूप से दशहरा महोत्सव मनाया। हालांकि दोनों ही निगम ने मिलकर इस पूरे महोत्सव पर करीब 45 लाख रुपए खर्च किए, लेकिन इस बार टेंडर को लेकर चली माथापच्ची के कारण इस बार रावण बनाने के लिए महज 4-5 दिन ही मिले। ऐसे में न तो रावण को इस बार जोधपुरी अचकन पहनाई गई और न ही जोधपुरी जूती। रावण के पास लगने वाले दो हाथी भी नहीं बने। दो हाथी में से एक हाथी बना तो उसे भी चबूतरे के नीचे छिपाकर रख दिया गया। इस बारे में अधिकारियों ने बात की गई तो वे भी कुछ नहीं बोले।
करीब डेढ़ घंटे तक आकर्षक आतिशबाजी
मुय अतिथि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पूर्व सांसद गजसिंह, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, विधायक अतुल भंसाली, महापौर उत्तर कुन्ती परिहार, महापौर दक्षिण वनिता सेठ, आयुक्त टी शुभ मंगला सहित सभी अतिथियों ने रिमोट का बटन दबाकर रावण दहन की परपरा का निर्वहन किया। रावण दहन के बाद करीब डेढ़ घंटे तक आकर्षक आतिशबाजी की गई।
51 फीट के रावण का दहन:
ठाकुरजी विकास एवं सेवा समिति व जस्टिस फॉर माइनर एक्शन कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में पहली बार पाल रोड क्षेत्र में 51 फीट के रावण का दहन किया गया। आयोजन समिति के सुखराम भंवरिया, संपत पूनिया व मदन सैन ने बताया कि दुष्कर्मियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर दुष्कर्मियों का रावण स्वरूप पुतला बनाकर दुर्गा स्वरूपा बालिकाओं ने इसका दहन किया। इससे पूर्व दुर्गा स्वरूपा कन्याओं का पूजन किया गया, साथ ही सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। साथ ही आधे घंटे तक आतिशबाजी की गई।