बिना लिखित सहमति वेतन कटौती नहीं करने के निर्देश

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि किसी कर्मचारी की कोविड राहत कोष के लिए वेतन कटौती की लिखित सहमति के अभाव में उसकी तनख्वाह से कटौती नहीं की जाए।

By: rajesh dixit

Published: 27 Nov 2020, 08:05 PM IST

न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकलपीठ में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ सहित कई कर्मचारी संघों की याचिकाओं की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता संदीप शाह ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पूर्ववर्ती 10 नवंबर के आदेश में संशोधन करते हुए 26 नवंबर को नया आदेश जारी किया है। याचिकाओं में सरकार के 8 सितंबर के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिनमें कोविड राहत कोष के लिए कर्मचारियों के एक दिन के वेतन कटौती के निर्देश दिए गए थे। शाह ने बताया कि 10 नवंबर के आदेश में यह स्पष्ट किया गया था कि यदि कोई कर्मचारी संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी को अपने वेतन में कटौती नहीं करने की लिखित में सूचना देगा तो उसके वेतन में कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब इस आदेश में संशोधन कर दिया गया है, जिसके अनुसार केवल उन्हीं कर्मचारियों की वेतन में कटौती होगी, जो संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी को लिखित में इस आशय की सहमति प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन बिल एक-दो दिन में तैयार होंगे और इस नए संशोधन की सूचना के प्रसार में समय लगने की संभावना है। कोर्ट ने 14 दिसंबर को अगली सुनवाई मुकर्रर करते हुए सरकार को प्रत्युत्तर पेश करने को कहा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता कुलदीप माथुर, हनुमानसिंह, विकास बालिया तथा निखिल जैन ने पैरवी की।

rajesh dixit Desk
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