
बिना लिखित सहमति वेतन कटौती नहीं करने के निर्देश
न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकलपीठ में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ सहित कई कर्मचारी संघों की याचिकाओं की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता संदीप शाह ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पूर्ववर्ती 10 नवंबर के आदेश में संशोधन करते हुए 26 नवंबर को नया आदेश जारी किया है। याचिकाओं में सरकार के 8 सितंबर के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिनमें कोविड राहत कोष के लिए कर्मचारियों के एक दिन के वेतन कटौती के निर्देश दिए गए थे। शाह ने बताया कि 10 नवंबर के आदेश में यह स्पष्ट किया गया था कि यदि कोई कर्मचारी संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी को अपने वेतन में कटौती नहीं करने की लिखित में सूचना देगा तो उसके वेतन में कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब इस आदेश में संशोधन कर दिया गया है, जिसके अनुसार केवल उन्हीं कर्मचारियों की वेतन में कटौती होगी, जो संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी को लिखित में इस आशय की सहमति प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन बिल एक-दो दिन में तैयार होंगे और इस नए संशोधन की सूचना के प्रसार में समय लगने की संभावना है। कोर्ट ने 14 दिसंबर को अगली सुनवाई मुकर्रर करते हुए सरकार को प्रत्युत्तर पेश करने को कहा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता कुलदीप माथुर, हनुमानसिंह, विकास बालिया तथा निखिल जैन ने पैरवी की।
Published on:
27 Nov 2020 08:05 pm
