
जोधपुर की तीन सड़कों को बकरा मंडी से मुक्त करने के निर्देश
जोधपुर(jodhpur).
राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने शुक्रवार को उम्मेद स्टेडियम (Ummed Stadium) के चारों तरफ ईद उल अजहा (बकरीद) (Id Ul Azaha) पर भेड़-बकरों की खरीद-फरोख्त (Sale and purchase of goat and sheeps) के लिए कथित अवैध पशु मंडी पर रोक लगाने को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए नगर निगम तथा यातायात पुलिस (trafic police Jodhpur ) को मुख्य हाईकोर्ट रोड सहित इसे जोड़ने वाली उम्मेद स्टेडियम के समानान्तर दो सड़कों पर ऐसी गतिविधियां तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने कहा कि सड़कें आमजन की सुगम आवाजाही के लिए हैं, उन पर यातायात में बाधक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए।
पुरुषोत्तम अग्रवाल की ओर से दायर जनहित याचिका के तहत अधिवक्ता मोतीसिंह ने एक प्रार्थना पत्र पेश कर अवैध पशु बिक्री मेलों पर रोक लगाने की मांग की थी।
मुख्य न्यायाधीश एस.रविंद्र भट्ट और न्यायाधीश दिनेश मेहता की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने कहा कि वर्ष 2013 में अधिसूचित जोधपुर के मास्टर प्लान (Master Plan of Jodhpur notified in the year 2013) में चौखा में बकरा मंडी के लिए अलग से भूमि आरक्षित की गई है।
लेकिन अब तक बकरा मंडी को वहां पर शिफ्ट नहीं किया गया है। बकरीद के मौके पर हर साल आखलिया चौराहा व ओल्ड स्टेडियम के पास हजारों की संख्या में भेड़-बकरों की बिक्री होती है।
इसके लिए संबंधित प्राधिकारी से अनुमति नहीं ली जाती। नगर निगम सीमा में इस तरह के अवैध पशु मेलों के विनियमन का कोई प्रयास आज तक नहीं किया गया है।
सड़कों पर पशुओं की भीड़ से यातायात प्रभावित होता है। प्रिवेंशन ऑफ क्रुअलिटी टू एनिमल्स एक्ट के प्रावधानों की भी अनदेखी की जा रही है।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता करणसिंह राजपुरोहित ने कोर्ट को बताया कि चौखा में भूमि चिह्नित की गई है, लेकिन ईद में मात्र दो दिन शेष रहने के चलते इस साल अस्थायी बकरा मंडी को अनुमति दी जाए।
अगले साल से यातयात में बाधा नहीं होने दी जाएगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने वस्तुस्थिति बताने के लिए कोर्ट में फोटो पेश किए, जिस पर खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सौ फिट चौड़ी सड़क पर इस तरह की गतिविधियां अनुज्ञेय नहीं की जा सकती। कोर्ट ने सरकार को कुछ देर की मोहलत देते हुए विकल्प बताने को कहा।
कोर्ट संतुष्ट नहीं, अचानक निरीक्षण करवाया
भोजनावकाश के बाद दुबारा सुनवाई शुरू होने पर अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि यातायात को सुचारू कर दिया गया है और बकरा मंडी को व्यवस्थित किया जा रहा है।
जबकि याची के अधिवक्ता ने कहा कि हालात अब भी बदतर हैं। खंडपीठ को इस पर टिप्पणी की कि ज्यादा दूरी नहीं है, हम खुद निरीक्षण कर सकते हैं। यदि सरकार के दावे में झूठ सामने आया तो पुलिस कमिश्नर और निगम कमिश्नर के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बाद में मुख्य न्यायाधीश ने अपने प्रमुख सचिव राजेन्द्र कुमार को अचानक निरीक्षण कर वस्तुस्थिति बताने को कहा। करीब आधे घंटे बाद उन्होंने कोर्ट को बताया कि बकरा मंडी यथावत है और अब कुछ बकरों को अन्यत्र शिफ्ट किया जा रहा है।
उन्होंने मोबाइल से लिए हुए फोटो भी दिखाए, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी प्रकट की। ईद में दो दिन का समय देखते हुए खंडपीठ ने फिलहाल तीन सड़कों को व्यवधान रहित करने को कहा है, लेकिन भविष्य के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कानून व्यवस्था बिगड़ी तो कौन जिम्मेदार होगा
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि बकरों का सार्वजनिक वध रोकने के निर्देश दिए जाएं। कोर्ट ने कहा कि याची ने ऐनवक्त पर प्रार्थना पत्र पेश किया है।
अचानक ऐसे किसी निर्देश पर कानून व्यवस्था की स्थिति बनने पर कौन जिम्मेदार होगा? खंडपीठ ने याची को इस विषय पर लागू होने वाले विधिक बिंदु बाद की सुनवाई में कोर्ट की ध्यान में लाने को कहा।
निगम ने खाली कराई सड़क
नगर निगम के अतिक्रमण निरोधी दस्ते ने पुलिस की सहायता से स्टेडियम सड़क पर लगी बकरा मण्डी को एक तरफ से खाली करा दिया। साथ ही बकरा बेचने वालों को सड़क जाम नहीं करने के लिए पाबंद किया।
Published on:
09 Aug 2019 07:53 pm

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