
हिपहॉप कल्चर में जे-19 स्क्वाड लगा रहा राजस्थानी तडक़ा, रैपिंग कल्चर को मारवाड़ में दे रहे बढ़ावा
जोधपुर. गाने की नई विधा रैपिंग पर बेस्ड मूवी गली बॉय को ऑस्कर्स में ऑफिशियल एंट्री मिली है। इससे सिने जगत में खुशी तो है ही वहीं रैपर्स कहने लगे हैं कि अपना टाइम आ गया। जोधपुर का प्रसिद्ध रैपिंग गु्रप जे-19 स्क्वाड भी अपने नए गाने के साथ युवाओं के बीच धूम मचाने लगा है। ग्रुप का नया रैपिंग गीत ‘बाजे हिपहॉप’ रिलीज होने के साथ ही सोशल मीडिया पर लाइक और शेयर किया जा रहा है। इस सॉन्ग के रिलीज होने के दूसरे ही दिन 15 हजार व्यूज मिले हैं। इस गाने में राजस्थानी भाषा में रैपिंग की गई है और यहां का कल्चर प्रदर्शित किया गया है।
ग्रुप के हर्ष व्यास और पंकज निम्बार्क ने बताया कि बाजे हिपहॉप गीत एक राजस्थानी हिपहॉप है। इसमें हाल कैनेडा मूल श्रीगंगानगर रहवासी डॉ कुश और नागौर के रैपर जागीरदार आरवी ने साथ दिया है। इस गीत को चारों ने ही मिलकर लिखा है, संगीत और कॉम्पोजिशन भी इन लोगों की है। इसका फिल्मांकन जोधपुर की गलियों और फेमस लोकेशन्स पर किया गया है। इसका निर्देशन गणपत सिंह भाटी ने किया है।
रैपिंग से मिले और बनाया ग्रुप
जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर व उदयपुर सहित मुंबई आदि शहरों में परफॉर्म कर चुके हर्ष और पंकज का मिलना भी एक संयोग ही था। म्यूजिक में दिलचस्पी के चलते दोनों ने 2016 में रैपिंग ग्रुप बनाया। शुरुआत में हिंदी में ही रैपिंग गीत बनाया करते थे। फिर लगा इससे मूल भाषा राजस्थानी पीछे छूटती जा रही है। फिर देसी हिपहॉप और रैपिंग पर काम शुरू किया और उनका गीत ‘म्हारौ जोधपुर’ खासा हिट गया। ग्रुप अब तक 18 गाने लॉन्च कर चुका है। इसमें 8 ट्रैक्स राजस्थानी में हैं। ग्रुप का उद्देश्य युवाओं को अपनी भाषा के साथ जोडऩे सहित इस कल्चर को बढ़ावा देना है।
सोशल इश्यूज पर बेस्ड गीत
व्यास व निम्बार्क ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। उनके गीत केसरियो में विधवा पुनर्विवाह और लाडो रानी में वुमन एम्पावरमेंट का संदेश दिया गया है। ग्रुप टीवी पर प्रसारित हो रहे शो हसल में टॉप 25 में सिलेक्ट हो चुका है। उनके फेवरिट रैपर्स टीआई, एमिनेम, जॉनर ल्यूकस, लॉजिक व एमजीके हैं। हर्ष ब्लूसिटी से हैं और पंकज मूलत: बिलाड़ा से हैं।
Published on:
27 Sept 2019 10:53 am
