
जोधपुर.
दिल्ली से जोधपुर की फ्लाइट कनेक्टिवटी को भारी झटका है। जेट एयरवेज ने रविवार से दिल्ली-जोधपुर उड़ान संख्या 9 डब्ल्यू 688 को बंद कर दिया है। यह फ्लाइट सुबह जोधपुर आती थी, जिससे व्यावसायिक कार्य से दिल्ली से जोधपुर आने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत होती थी। फ्लाइट बंद होने से जोधपुर की इण्डस्ट्री पर भी विपरित असर पड़ेगा। एयर कनेक्टिविटी को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका में कोर्ट जोधपुर में सुबह-शाम हवाई सेवा शुरू करने को लेकर कई बार सरकार पर टिप्पणी कर चुका है। सरकारी अधिकारियों को फटकार भी लगा चुका है, बावजूद इसके सुविधाएं बढऩे की बजाय घटती जा रही है।
जेट एयरवेज की 9 डब्ल्यू 688 फ्लाइट दिल्ली से सुबह 9:50 बजे रवाना होकर सुबह 11:20 बजे जोधपुर आती थी। जेट एयरवेज प्रबंधन के फ्लाइट को बंद कर देने से रविवार को यह विमान जोधपुर नहीं आया। अब दिल्ली से जोधपुर के बीच केवल 2 फ्लाइट बची है। इसमें से एक जेट एयरवेज की 9 डब्ल्यू 729 और एयर इंडिया की एआई-475 है। दोनों फ्लाइटें दोपहर करीब 2 बजे के आसपास आती है। जेट का एटीआर विमान है, जिसकी क्षमता करीब 65 यात्री हैं। वहीं एयर इंडिया के पास बोइंग है, जिसमें 150 से अधिक यात्री आते हैं। इससे भी जेट एयरवेज दिल्ली-जोधपुर की एक अन्य फ्लाइट एससी-2695 बंद कर चुका है। कुल मिलाकर 4 फ्लाइट में से 2 के पहिए थम गए हैं।
हैण्डीक्राफ्ट व्यापार पर बुरा असर
अब दिल्ली से जोधपुर के बीच सुबह की कोई भी फ्लाइट नहीं है, जिससे यात्रियों को काफ ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जोधपुर शैक्षणिक संस्थान और हैण्डीक्राफ्ट का हब माना जाता है। ऐसे में जरूरी काम से जोधपुर आने वाले यात्रियों को 2 दिन का समय व्यर्थ करना होगा।
स्थगित करनी पड़ती हैं शादियां व इवेंट
जोधपुर एयरपोर्ट प्रदेश का दूसरा बड़ा एयरपोर्ट है, लेकिन सुविधा की बात करें तो यहां गिनी-चुनी फ्लाइट ही आती है। इससे कई शाही शादी व बड़ी कंपनियों के इवेंट यहां से स्थगित कर दिए जाते हैं। दूसरी ओर चार्टर विमानों के पार्किंग की सुविधा ना होने से कई चार्टर विमानों को उदयपुर में पार्क करवाया जाता है, जिससे काफ ी ईधन व्यय होता है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन हस्तांतरण का एमओयू किया था, लेकिन बजरी खनन पर रोक के कारण एयरपोर्ट विस्तार धीमी गति से हो रहा है।
Published on:
02 Jul 2018 06:00 am
