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विकास चौधरी/जोधपुर. मारवाड़ में आमतौर पर मेवाड़ और मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र से अफीम और डोडा पोस्त की खेप आती रही है, लेकिन इस बार उपज कम होने के कारण वहां कीमतों में तेजी के कारण मारवाड़ के तस्करों ने झारखण्ड का रुख कर लिया है। दौसा में ट्रक से अफीम के 21 किलो दूध व 46 किलो डोडा पोस्त के साथ नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो के हत्थे चढ़े चालक से पूछताछ में भी झारखण्ड से खेप आने की पुष्टि हुई है।
उपज घटी, भाव बढ़े
इस बार सरकारी नियंत्रण कड़ा होने से चित्तौडगढ़़, भीलवाड़ा व नीमच के आस-पास के क्षेत्रों के किसान निर्धारित मात्रा से अधिक उत्पादन नहीं कर पाए। यही वजह है कि इन क्षेत्र की अफीम व डोडा पोस्त बाजार में कम आई है और भाव भी तेज हैं।
कीमत कम, क्वालिटी भी हल्की
सूत्रों की मानें तो झारखण्ड से आने वाले अफीम के दूध की क्वालिटी निम्न स्तर की है। यही वजह है कि बाजार में वहां की कम दर पर उपलब्ध हो जाती है। ऐसे में यहां दिनोंदिन अफीम की सप्लाई बढऩे लगी है। ऐसे में यह चिंता का विषय बन गया है।
सड़क के साथ ट्रेनों में तस्करी
झारखण्ड से मादक पदार्थ की खेप मारवाड़ तक पहुंचाने के लिए तस्कर सड़क मार्ग के अलावा ट्रेनों की मदद ले रहे हैं। नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो ने गत दिनों ट्रक व कारों से मादक पदार्थ जब्त किया है। ट्रेनों के सामान्य कोच में आने वाले तस्करों पर भी जीआरपी की नजर है। हालांकि लम्बे समय से जीआरपी कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है।
इनका कहना है
राजस्थान में अफीम की पैदावार कम होने, नियंत्रण बढऩे के कारण कीमत तेज है। ऐसे में झारखण्ड से मारवाड़ में अफीम की आवक अधिक हो रही है। गत दिनों नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो ने जो कार्रवाई की है उनमें से अधिकांशत: मादक पदार्थ झारखण्ड से ही लाया जा रहा था।
वीरेन्द्र यादव, सहायक निदेशक, नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो जोधपुर
Published on:
04 May 2018 09:28 am

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