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जेएनवीयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने 15 वर्ष पूर्व किया था यह कांड, यूं धरा एसीबी ने

दो सहयोगी भी गिरफ्तार, एक अन्य की तलाश
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जोधपुर

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Deenbandhu vashistha

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Updated: 27 Apr 2018, 8:55 AM IST

जेएनवीयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने 15 वर्ष पूर्व किया था यह कांड, यूं धरा एसीबी ने

जेएनवीयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने 15 वर्ष पूर्व किया था यह कांड, यूं धरा एसीबी ने

अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव 2003 के दौरान 11 लाख रुपए के गबन का मामला

विवि के चार व्याख्याताओं को हाईकोर्ट से मिल चुकी है राहत


जोधपुर . भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष ईश्वरसिंह बालावत व दो अन्य को आठ साल पुराने ग्यारह लाख रुपए गबन के मामले में गुरुवार शाम गिरफ्तार किया। मिठाई बनाने वाले एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस अधीक्षक (एसीबी) अजयपाल लाम्बा के अनुसार जेएनवीयू छात्रसंघ के वर्ष 2002-03 कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव आयोजित किया गया था। उसमें 11 लाख चार हजार 260 रुपए का गबन किया गया था। इस प्रकरण में जेएनवीयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष बालावत, जय भवानी फूल माला वाला विजय सिंह, होटलकर्मी गोविंद सिंह व मित्र मेघ सिंह आरोपी हैं। पत्रावली के सुप्रीम कोर्ट से लौटने पर एसीबी की विशेष विंग के उपाधीक्षक जगदीशप्रसाद सोनी ने शाम को बाड़मेर जिले में मोकलसर निवासी जेएनवीयू के पूर्व अध्यक्ष ईश्वरसिंह बालावत पुत्र जब्बर सिंह, सिरोही में कालन्द्री थानान्तर्गत चाडूआल गांव निवासी गोविंद सिंह पुत्र नरपत सिंह और मोहनपुरा पुलिया के नीचे निवासी विजय सिंह पुत्र भवानी सिंह को गिरफ्तार किया। मिठाई बनाने वाले मेघ सिंह की तलाश की जा रही है। आरोपियों में शामिल विजय सिंह रातानाडा स्थित होटल में कर्मचारी था, जबकि विजय सिंह मोहनपुरा पुल के नीचे फूल मालाएं बेचता है। आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

15.90 लाख रुपए स्वीकृत थे, 11 लाख का गबन

एसीबी की विशेष के उपाधीक्षक सोनी ने बताया कि ईश्वरसिंह वर्ष 2002-03 में जेएनवीयू छात्रसंघ का अध्यक्ष रहा था। उस दौरान अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव आयोजित कराया गया था। इसके लिए 15.9 लाख रुपए स्वीकृत थे, जबकि इसमें से आरोपियों ने 11 लाख 4 हजार 260 रुपए का गबन किया था। इस संबंध में वर्ष 2010 में एसीबी में एफआईआर दर्ज की गई थी। विवि के चार व्याख्याताओं पर भी गबन के आरोप लगे थे, लेकिन हाईकोर्ट में अपील करने पर चारों व्याख्याताओं को दोष मुक्त कर दिया गया था। एसीबी ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी।

विभिन्न खर्चों के फर्जी बिल बनाकर गबन

एसीबी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव के लिए 15.9 लाख रुपए का बजट स्वीकृत था। ईश्वर सिंह ने मिठाई, फूल मालाएं, शामियाने, होटल में ठहरने और अन्य मदों के खर्चों के फर्जी व कूटरचित बिल बनाकर विवि में पेश किए थे। इस पर 11,04,260 लाख रुपए का अधिक भुगतान उठाया था।