
टूटे आशियाने के बाहर सड़क पर सोने को मजबूर, न पीडि़त को राहत, न दोषी पर कार्रवाई
जोधपुर . सरदारपुरा में भवन घिरने के हादसे को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन न तो पीडि़त को राहत मिली और ना ही दोषी पर कोई कार्रवाई हुई। हादसे के तीसरे दिन भी दुकानदार संजय व भवन मालिक चंद्रकांत मलबे में दबा सामान ढूंढ़ते दिखाई दिए। पीडि़त पक्ष व क्षेत्रवासियों का आरोप है कि निगम व पुलिस प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई कर रहा है। दोनों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। तीन दिन बाद भी हादसे के कारणों की जांच नहीं हुई है। निगम भूखंड पर खुदे बेसमेंट के 15 फीट गड्ढे को भरने पर उतावला है। मौके पर शुक्रवार को मौके पर तीन बार जेसीबी आई, लेकिन उसे बैरंग ही लौटना पड़ा। पीडि़तों का कहना है कि बगैर जांच गड्ढा नहीं भरने दिया जाएगा।
टिफिन व बाइक का मालिक कौन
घटना स्थल पर हादसे के दिन से एक मोटर बाइक व टिफिन पड़ा है। आस-पास के लोगों का कहना है कि यह टिफिन भूखंड की खुदाई करने वाले मजदूर का था। हादसे के बाद से न तो टिफिन हटा न ही बाइक।
मधु की आंखें हुई नम
टूटे आशियाने के बाद भवन मालिक मधु घर के बाहर सड़क पर सो रही है। वह पड़ोसियों के दिए कपड़े और खाने से काम चला रही है। चंद्रकांत की बेटी सरिता ने बताया कि वह रविवार को छुट्टियां मनाने चार माह की बेटी के साथ आई थी। कतई आभास नहीं था कि पीहर में छुट्टियां ऐसे कटेगी। दुकानदार का कहना है कि वे तीन भाई हैं, जिनका खर्च इसी किराणे की दुकान से चलता है।
भाजपा नेता को अनुसंधान के लिए बुलाया
इमारत गिरने के बाद सरदारपुरा बी रोड निवासी चन्द्रकांत भूतड़ा ने पड़ोसी भूखण्ड मालिक पवन वैष्णव व ठेकेदार के खिलाफ जान को खतरे में डालने, मकान को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज कराया था। जांच कर रहे उप निरीक्षक दिनेश ने बताया कि प्रकरण में चन्द्रकांत व पत्नी के अलावा संजय कांकरिया, प्रवीण कांकरिया व विकास कांकरिया, मलबे में दबने वाले सत्यनारायण व्यास के बयान दर्ज किए हैं। दुकान कर्मचारी माधव सिंह के सामने न आने से बयान दर्ज नहीं हो सके हैं। आरोपी भूखण्ड मालिक व भाजपा नेता पवन वैष्णव को अनुसंधान के लिए शनिवार को जांच अधिकारी के समक्ष तलब किया है। पुलिस ने पवन के अजय चौक गली-3 स्थित घर जाकर पूछताछ के लिए पेश होने संबंधी नोटिस जारी किया।
Published on:
26 May 2018 12:50 pm
