
Work From Home : घर से ही तय हो रही है शिक्षा की डगर, विभाग के 60 प्रतिशत शिक्षक घर से कर रहे काम
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. कोरोना ने कार्यालयों की फिजां बदल दी। जो सरकारी दफ्तर दिनभर गुलजार रहते थे वह अब वीरान हैं। वर्क फ्रॉम होम की कड़ी में आज बात शिक्षा की डगर तय करने वाले कार्यालयों की करते हैं। जोधपुर में शिक्षा विभाग से जुड़े 7 से अधिक कार्यालयों में करीब 150 कार्मिक कार्यरत हैं और सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती थी। लेकिन वर्तमान में इनमें से महज 30-40 प्रतिशत कार्मिक ही कार्यालय आ रहे हैं, बाकि घर से काम कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के कार्यालय व कार्मिकों को हाइटेक वर्र्किंग के मोड पर जाना पड़ा है। कर्मचारियों को मेल के जरिए जानकारी भेजी जा रही है। कर्मचारी उसी के जरिए घर से कार्य करके दे रहे हैं। जानकारी ये भी आ रही है कि इससे कर्मचारियों की परफोर्मेंस भी दिख रही है।
इन शिक्षा विभाग के कार्यालयों की स्थिति
संयुक्त निदेशक कार्यालय, समग्र शिक्षा अभियान, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, डीईओ प्रारंभिक मुख्यालय व डीईओ माध्यमिक मुख्यालय, सिटी सीबीइओ, डाइट जैसे कार्यालयों में करीब 150 कार्मिकों में से 60 प्रतिशत घर से ही काम कर रहे हैं। हालांकि इस विभाग के शिक्षक अधिकांश फील्ड में है। कुछ बीएलओ के रूप में सर्वे कार्य कर रहे हैं तो कुछ प्रवासियों की ट्रेन प्रक्रिया में एंट्री व लिस्टिंग में भागीदारी निभा रहे हैं।
ऐसे काम हो रहे ऑनलाइन
डीपीसी की तैयारियों को लेकर कार्य भी कर्मचारी घर से चला रहे हैं। शिक्षकों से भी ऑनलाइन ही प्रार्थना पत्र मंगवाया जा रहा है। ये कार्य बखूबी शिक्षा विभाग के कार्मिक घर से पूर्ण कर रहे हंै। विद्यालयों के दस्तावेज व अन्य जरूरी काम भी घर से निपटाया जा रहा है।
इनका कहना...
अभी 60 प्रतिशत कर्मचारी घर से ही काम कर रहे हैं। अधिकारी भी मॉनिटरिंग करते हैं। काम की गुणवत्ता भी अच्छी है।
- प्रेमचंद सांखला, संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा विभाग
Published on:
17 May 2020 10:16 am

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