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अतीत के आइने में जोधपुर : जल्द ही पुराने वैभव में लौटैगा सूरसागर का ऐतिहासिक महल

पार्ट-8

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अतीत के आइने में जोधपुर : जल्द ही पुराने वैभव में लौटैगा सूरसागर का ऐतिहासिक महल

अतीत के आइने में जोधपुर : जल्द ही पुराने वैभव में लौटैगा सूरसागर का ऐतिहासिक महल

नंदकिशोर सारस्वत

जोधपुर. सूरसागर महल मध्यकालीन भारत की स्थापत्य कला का बेजोड़ स्मारक माना जाता रहा है। इस महल में वीर दुर्गादास राठौड़, जयपुर के राजा जयसिंह और उस काल के कई महान वीरों और शासकों ने निवास किया था। सूरसागर महल में विक्रम संवत 1895 में प्रथम अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट की नियुक्ति के बाद रेजीडेन्ट हाउस बन गया था। सन 1909 में इसी महल में एक अजायबघर भी बनाया गया। सूरसागर महल की देखरेख का जिम्मा उस समय महकमा जंगलात वर्तमान (वनविभाग) के पास था।

महाराजा सूरसिंह ने करवाया था तालाब का निर्माण
सूरसागर के महल व तालाब जोधपुर के प्राचीनतम स्थापत्य स्मारकों में से एक है । सूरसागर तालाब और महल का निर्माण विक्रम संवत 1606 में महाराजा सूरसिंह ने करवाया था। तालाब की तरफ के पट्टे पर बने महल का निर्माण महाराजा जसवंतसिंह ने करवाया था। पूर्व और पश्चिम के महल गुंबजनुमा बने हैं। ऊपरी स्थापत्य के जैसे महल जोधपुर में और कहीं नहीं है । ये मुगल प्रभावयुक्त हैं । दक्षिण और उत्तर के महल काफी बड़े हैं । दक्षिणी महल में सफेद संगमरमर का कार्य किया हुआ है । पूर्व दिशा में सन 1670 में महाराजा गजसिंह (प्रथम) ने महल बनवाया। यह महल करीब 400 गुणा 400 फुट के घेरे में बना है। आजादी के बाद यह महल लगातार उपेक्षा का शिकार होकर खण्डहर में तब्दील हो गया। वर्ष 2014 में पुन: महल के जीर्णोद्धार के लिए मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट ने देखरेख का जिम्मा लिया है। जल्द ही यह भव्य महल अपने पुराने वैभव में देखा जा सकेगा ।

अब उजड़ चुके 84 बाग
सूरसागर के महलों का निर्माण कार्य लगभग 8 वर्ष तक चला । सूरसागर के महल जोधपुर के शासकों का प्रिय स्थान था । जब लॉर्ड किचनर जोधपुर आये तब मारवाड़ की संस्कृति से परिचित कराने के लिए यहां प्रदर्शनी लगाई गई जिसे बाद में सरदार संग्रहालय में स्थानान्तरित कर दिया गया । कुछ समय पूर्व इसी महल में अजय देवगन अभिनित फिल्म
'बादशाहो Ó की शूटिंग भी की गई थी। जब सूरसागर महल बनवाया गया उस समय इसके आस - पास तत्कालीन सामन्तों ने 84 बाग लगाये थे । वर्तमान में सूरसागर के आस - पास बने ये सभी बाग उजड़ कर सीमेंट व क्रंक्रीट का जाल बिछ चुका है। आसपास पूरी तरह अतिक्रमण हो चुका है।

फोटो- साभार एमएमटी