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जोधपुर के मास्टर प्लान में राज्य सरकार का यूं उठाया फायदा, शहर को अब यह होगा भुगतना

जोधपुर में मास्टर प्लान की किस तरह से धज्जियां उड़ीं है इसका नतीजा सबके सामने है। मास्टर प्लान में अपने तरीके से संशोधन करने के लिए अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार का कुछ इस तरह उठाया फायदा कि जानकार रह जाएंगे हैरान...

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Harshwardhan Singh Bhati

May 26, 2017

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शहर की सूरत सुधारने का जिम्मा संभालने वाले नगर नियोजन की ओर से भी कभी मास्टर प्लान को लेकर कोई खास गंभीरता नहीं दिखाई गई। जोधपुर में तो कई स्थानों पर मास्टर प्लान के साथ जमकर खिलवाड़ हुआ। खुद अधिकारियों ने मास्टर प्लान के अनुसार न तो शहर के बस स्टैंड के लिए चिह्नित जमीनों पर कोई कार्रवाई की और न ही इस शहर की पार्किंग और मैरिज पैलेस को कभी मास्टर प्लान के अनुसार अनुमति दी।

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नगर निगम और जेडीए से पास होने वाले कई ले-आउट प्लान और नक्शों के अनुरूप निर्माण कार्य नहीं किया गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि शहर बेतरतीब तरीके से बसता गया और अब धीरे-धीरे नक्शे के अनुरूप निर्माण की प्रक्रिया नहीं अपनाने का सच सामने आ रहा है। निगम से पास हुए नक्शों के हिसाब से शहर में न तो मैरिज पैलेस संचालित हो रहे हैं और न ही बहुमंजिला इमारतों में पार्किंग छोड़ी गई।

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राज्य सरकार के लचीले बायलॉज का फायदा उठाया

राज्य सरकार की ओर से निरंतर बॉयलॉज में संशोधन होता रहा, लेकिन हर बार पार्किंग के बॉयलॉज पर ध्यान नहीं दिया गया। वर्ष 2008 से 2015 तक मैरिज पैलेस के लिए बने बॉयलॉज में कोई परिवर्तन नहीं किया गया, जिसका फायदा मैरिज पैलेस संचालकों ने जमकर उठाया। बॉयलॉज के अनुसार, आवेदित भूखंड का 10 प्रतिशत पार्किंग का रखा गया, लेकिन निरंतर जनसंख्या बढऩे के कारण अब यह बॉयलॉज भी काम का नहीं रहा।

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सरकारी खसरों पर भी बन गए मैरिज पैलेस

मैरिज पैलेस संचालकों ने कई सरकारी खसरों पर भी मैरिज पैलेस बना लिए हैं। चौपासनी रोड पर कई मैरिज पैलेस का निर्माण तो 40 फीट तक सड़क सीमा पर हो गया, लेकिन निगम और जेडीए की ओर े कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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निगम और जेडीए देते रहे सिर्फ नोटिस, कार्रवाई ना के बराबर

अवैध कार बाजार निगम ने अवैध कार बाजार के मामले में पूर्व में आखलिया सहित अन्य क्षेत्रों में संचालित हो रहे कार बाजार को हटाया। मुकदमे दर्ज करवाने के मामले में कोई रिपोर्ट निगम के पास नहीं है।

मैरिज पैलेस — निगम ने मैरिज पैलेस के नाम पर सिर्फ बॉयलॉज का हवाला देता रहा। कार्रवाई के नाम पर अब तक मैरिज पैलेस के संचालकों को जो नोटिस दिए गए हैं, इसके अलावा निगम की ओर से कुछ मैरिज पैलेस को सीज करने की कार्रवाई भी की गई है।

बहुमंजिला इमारतें - निगम ने पिछले चार माह में किसी भी अवैध बहुमंजिला इमारात को सीज नहीं किया। शहर की हाइराइज मॉनिटरिंग कमेटी के अनुसार शहर में कुल 85 अवैघ बहुमंजिला इमारत है। इसके अलावा निगम के ताजा सर्वे के अनुसार शुहर के अलग-अलग स्थानों पर कुल 95 अवैध बहुमंजिला इमातरें है, लेकिन निगम इन बहुमंजिला इमारतों को सीज करने की बजाय इमारत मालिकों को छह माह का समय देकर इमारतों में नक्शे के विपरित हुए निर्माण को सही करने का समय दिया, लेकिन इमारत मालिकों ने निगम के नियम कायदों को ताक पर रखकर इमारतों में बिना कोई संशोधन किए इमारतों में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी और निगम अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

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