
बिना धूल उड़ाए पीएम-10 तक के प्रदूषण को कम करने के लिए पहली बार आएगी रोड स्वीपिंग मशीन
अविनाश केवलिया/जोधपुर. शहर के समीप खदानों से उड़ती सिलिका और धूल के कणों के कारण प्रदूषित शहरों में शुमार हमारे जोधपुर में पहली बार रोड स्वीपिंग के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग होगा। पीएम-10 तक के कणों को साफ करने के लिए वेट क्लीनिंग मशीन का उपयोग होने जा रहा है। जोधपुर नगर निगम की ओर से प्रदेश में पहली बार इसके लिए पहल की जा रही है। देश के चार मेट्रो शहरों में इस प्रकार की मशीन का उपयोग किया जा रहा है।
दिल्ली, मुम्बई और चेन्नई जैसे शहरों में चौड़ी सडक़ों की सफाई इस प्रकार की मशीन से ही होती है। इसी की तर्ज पर निगम प्रदेश में पहली बार जोधपुर में इसको खरीद करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। एक-एक करोड़ की लागत से दो मशीनों की खरीद की जाएगी। अन्य मशीनों से अलग इसकी खासियत यह है कि इसमें केवल झाडू डालकर नहीं बल्कि पानी डालकर सडक़ की मिट्टी को साफ किया जाएगा।
इसलिए मशीन उपयोगी
शहर में पहले से ही धूल के कण काफी अधिक होने का यहां का प्रदूषण स्तर काफी अधिक आंका जाता है। ऐसे में जब सुबह के समय सडक़ों व गलियों में नगर निगम की टीम झाडू लगाती है तो पीएम 10 स्तर का प्रदूषण और बढ़ जाता है। लेकिन जब इन मशीनों से सफाई होगी तो उस सडक़ पर ड्राई झाडू लगाने की बजाय वेट क्लीनिंग होगी। इससे सडक़ों पर झाडू लगाने के लिए धूल के कण नहीं उड़ेंगे।
फैक्ट फाइल
- 1 करोड़ की होगी एक मशीन
- 2 मशीनों की एक साथ होगी खरीद
- 25 किमी सडक़ की स्वीपिंग एक साथ हो सकेगी
- 10 पीएम तक के धूल कण को वातावरण में उडऩे से बचाएगी मशीनें
मशीन की खासियत
इस मशीन में एक हजार लीटर का पानी का टैंक होगा। जो कि 25 किमी तक की सडक़ को एक दिन में साफ करने के लिए काफी होगा। साथ ही पानी डालने के बाद धूल का जो स्लज बनेगा उसको एकत्रित करने के लिए 6.5 क्यूबिक मीटर का एक अगल टैंक होगा।
इनका कहना है...
प्रदूषण रहित सफाई के लिए इस प्रकार की मशीनों की खरीद कर रहे हैं। मेट्रो शहर में इनका सफल संचालन हुआ है। प्रदेश में पहली बार यह मशीन आएगी। टैंडर प्रक्रिया जल्द होगी।
- सम्पत मेघवाल, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम जोधपुर
Published on:
15 Dec 2019 04:04 pm

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