
जोधपुर की चौपासनी रोड: कष्ट के लिए क्षमा! कार्य प्रगति पर है
चौपासनी (जोधपुर).
प्रशासन के कामकाम की कछुआ चाल का अदांजा लगाना हो तो चौपासनी रोड पर चल रहे पाइप लाइन डालने व इसके बाद सड़क मरम्मत के कार्य को देखकर लगाया जा सकता है। यहां अक्सर सड़क पर 'कार्य प्रगति पर है, कष्ट के लिए क्षमा' लिखा बोर्ड नजर आ जाता है। पिछले कई महिनों से सड़क खोदने, पाइप लाइन डालने, वापस मिट्टी भरने और इन सबके बाद सड़क मरम्मत के कार्य की गति धीमी होने का खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गत दीपावली के आसपास चौपासनी फिल्टर हाउस से लेकर तिलवाडिय़ा तिराहे होते हुए बाइपास रोड तक पानी की पाइप लाइन डालने का काम शुरु हुआ था। इसमें सड़क को एक ओर से खोदकर पाइप लाइन डाली गई। इसके बाद इसे वापस मिट्टी से पाट दिया गया था। इसके कारण वाहन चालकों को कई दिनों तक क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग पर ही हिचकोले खाने पड़े। कुछ समय बाद सड़क मरम्मत का काम शुरु हुआ लेकिन यह भी प्रेम विहार मोड़ के पास यथास्थिति में छोड़ दिया गया। कई दिनों के बाद अब वापस यह काम शुरु हुआ है। सड़क मरम्मत के दौरान सड़क का लेवल भी सही नहीं होने के कारण वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नौ दिन में चले अढ़ाई कोस
स्थानीय लोगों ने बताया कि फिल्टर हाउस से बाइपास तक करीब 2-3 किलोमीटर पाइप लाइन डालने और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने में प्रशासन को करीब 4 से 5 महिनों का समय लग गया। ऐसे में कामकाज की गति को लेकर नौ दिन चले अढाई कोस की कहावत चरितार्थ होती दिखाई देती है। कई महिनों तक परेशानियां झेलने के बाद अब फिल्टर हाउस से चुंगी नाका तिराहे तक पाइप लाइन डालने का काम शुरु हुआ है। इसको लेकर सड़क को फिल्टर हाउस से चार दुकान तक खोदा गया है। इसके कारण एक ओर की सड़क संकरी हो गई है। इसके अलावा एक जगह से रास्ते को डाइवर्ट किया गया है। इसके कारण वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खस्ता हाल है पाल लिंक तिराहा
चौपासनी रोड को पाल लिंक रोड से जोडऩे के लिए प्रस्तावित सड़क मार्ग तो अनदेखी व उपेक्षा का दंश भोग ही रहा है, लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान पाल लिंक रोड तिराहे की ओर भी नहीं जा रहा है। चौपासनी रोड पर करीब 50 मीटर तक यह सड़क कई महिनों से क्षतिग्रस्त है। गौरतलब है कि ढलान होने के कारण बारिश के दिनों में यहां अक्सर पानी जमा हो जाता है। इसके कारण सड़क लगभग क्षतिग्रस्त ही रहती है। प्रशासन की ओर से इसका अभी तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इसके कारण यहां सड़क बनने के कुछ समय बाद वापस क्षतिग्रस्त हो जाती है।
Published on:
1 Apr 2018, 7:32 PM IST
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