
जोधपुरी कोट के बाद अब देशभर में पहने जाएंगे जोधपुरी जूते-चप्पल
जोधपुर. देश की राष्ट्रीय पोशाक जोधपुरी कोट-पेंट के साथ अब जोधपुर के जूते-चप्पल भी देशभर में पहने जाएंगे। फुटवियर डिजाइन एंड डवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआइ) जोधपुर में स्पेशलाइज्ड शूज का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है। इसमें सुरक्षा उपायों सहित फैशनेबल और मॉडर्न ट्रेंड के अनुसार छात्र-छात्राएं जूते-चप्पल तैयार करने के साथ उस पर शोध करेंगे। औद्योगिक व सैन्य दृष्टि से उपयोगी फुटवियर के साथ युवाओं के लिए नई डिजाइनें बनाई जाएगी।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत देश भर में 12 एफडीडीआइ हैं। सरकार ने सात एफडीडीआइ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने का निर्णय किया है, जो सभी जगह अलग-अलग होंगे। एफडीडीआइ नोएडा कोर्स डवलपमेंट और आरएनडी का सेंटर फॉर एक्सीलेंस, एफडीडीआइ रोहतक में नॉन लेदर फुटवियर का केंद्र, एफडीडीआइ कोलकाता में लेदर गुड्स का केंद्र, एफडीडीआइ चेन्नई और हैदराबाद में डिजाइनिंग का केंद्र, एफडीडीआइ पटना में लेदर फर्निशिंग व उत्पाद की रिटेलिंग का केंद्र और एफडीडीआइ जोधपुर में स्पेशलाइज्ड फुटवियर का केंद्र विकसित किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 129 करोड रुपए का बजट दिया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने का उद्देश्य बाजार की बढ़ती मांग के अनुसार नए उत्पाद तैयार करने के साथ जूते-चप्पल पर शोध करने के स्टार्टअप को बढ़ावा देना है।
विशेष इमारत, कर्मचारी भी अलग
एफडीडीआइ जोधपुर में बन रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए विशेष इमारत तैयार की जा रही है। इमसें वर्कफोर्स भी नई लगाई जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग सीधा एफडीडीआइ के मुख्यालय से होती है। साल भर में सेंटर के विकसित होने की उम्मीद है।
‘कैंपस में स्पेशलाइज्ड शूज के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है।’
निधि शर्मा, पीआरओ, एफडीडीआइ जोधपुर
Published on:
24 Dec 2020 01:09 pm

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