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शादी के 10 साल तक पत्नी को नहीं हुआ बच्चा तो हैवान बन गया पति, दे दी ऐसी दर्दनाक मौत

जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रांत गुप्ता ने संतान नहीं होने के कारण पत्नी की हत्या के आरोपी की सभी दलीलें अस्वीकार करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई

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जोधपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रांत गुप्ता ने संतान नहीं होने के कारण पत्नी की हत्या के आरोपी की सभी दलीलें अस्वीकार करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रकरण के अनुसार 28 मई 2017 को पुलिस थाना बालेसर में परिवादी हरचंदराम ने रिपोर्ट दर्ज करवा कर बताया कि उसकी पुत्री रेखा की शादी 10 वर्ष पूर्व धीराराम से हुई, शादी के बाद कुछ समय ठीक रहने के बाद धीराराम ने बच्चा नहीं होने का ताना देते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया।

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27 मई 2017 को ससुराल के पड़ोसियों ने सूचना दी थी उसकी बेटी बीमार है। ससुराल पहुंचने पर देखा कि पुत्री की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान के पश्चात कोर्ट में चार्जशीट पेश की। आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने मामले को झूठा बताते हुए कहा कि शादी के पश्चात दहेज की मांग तथा बच्चा नहीं होने का ताना देकर शारीरिक मानसिक प्रताड़ितत करने के कोई साक्ष्य नहीं है।

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लोक अभियोजक लादाराम विश्नोई ने पत्नी की हत्या के आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। न्यायालय ने 20 गवाहों तथा 32 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर देचू पुलिस थाना अंतर्गत खिंयासरिया गांव निवासी धीराराम पुत्र अर्जुनराम को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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