पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर आदि हीटवेव की चपेट में है। वहीं इन दोनों नौतपा का भी असर है। इससे यहां का तापमान बढ़ गया है। इसके बावजूद जोधपुर आने वाली ट्रेनें समय पर चल रही है। इंजन की हालत गर्मियों में किसी बॉयलर से कम नहीं होती। बाहर के तापमान के साथ इंजन की गर्मी से लोको पायलट के केबिन का तापमान करीब 8-10 डिग्री ज्यादा ही होता है। तापमान ही नहीं, इंजन में लगी 6 मोटरों के चलने की भारी आवाज और गड़गड़ाहट भी लोको पायलट की परीक्षा लेती है। वर्तमान में जोधपुर रेल मंडल में करीब 90 डीजल इंजन है, इनमें से 10 में एसी थे, लेकिन वे अभी बंद है। कुछ केबिन में केब फेन है, तो किन्हीं में कुछ भी नहीं लगा है, जो किसी बॉयलर से कम नहीं है।