जोधपुर. तीन महीने पहले राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से सीनियर मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए जोधपुर के भगवान सिंह भाटी के लिए शनिवार का दिन दूसरी बार खुशियों भरा रहा। भाटी की छोटी बेटी डिंपल सिंह भाटी ऑफिसर्स ट्रेंनिंग एकेडमी (ओटीएस)चैन्नई से पासिंग आउट परेड में पास हो कर न केवल लेफ्टिनेंट बन गई वरन् उसने सिल्वर मेडल भी हासिल किया। 11 महीने के प्रशिक्षण के बाद डिंपल को कश्मीर के कुपवाड़ा में पहली नियुक्ति दी गई है। डिंपल की बड़ी बहन दिव्या सिंह भाटी गत वर्ष आर्मी में शामिल हुई थी। दिव्या हाल ही में लेफ्टिनेंट से कैप्टन में पदोन्नत हुई है। उनकी नियुक्ति भी वर्तमान में कश्मीर के उधमपुर में है।
भगवान सिंह भाटी मूल रूप से बावड़ी के पास अनवाना गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वे बनाड़ रोड पर रहते हैं। राजस्थान पत्रिका से बातचीत में भाटी ने बताया कि उनके परिवार के अधिकांश लोग सेना और बीएसएफ में है इसलिए उनकी दोनों बेटियों की शुरू से ही सेना में जाने की रुचि थी। दिव्या को आर्मी में जज एडवोकेट जनरल (जेग) ब्रांच मिली है जबकि डिंपल को सिग्नल कोर मिला है। भाटी के एक पुत्र भी है जो वर्तमान में बीटैक अध्ययनरत है।
एनसीसी के जरिए एंट्री
डिंपल सिंह ने जीत कॉलेज से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक किया। साथ में ही एनसीसी की ३-राज गल्र्स बटालियन की कैडेट भी रही। उसने ए श्रेणी में एनसीसी का सी सर्टिफिकेट हासिल किया, जिससे सीधे ओटीएस में प्रवेश मिल गया। देश में एनसीसी सी सर्टिफिकेट के जरिए ओटीएस में दाखिले के लिए केवल 5 पद होते हैं। प्रशिक्षण के बाद डिंपल अब लेफ्टिनेंट बन गई है। डिंपल ने 180 अधिकारियों में से दूसरा स्थान हासिल किया। उसकी बड़ी बहन दिव्या ने जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय से 5 वर्षीय एलएलबी की थी। डिंपल व दिव्या की माता गेंद कंवर गृहणी है।
दिव्या की फरवरी में शादी
दिव्या की फरवरी में मेजर अरमान सिंह शेखावत के साथ शादी होगी। अरमान अभी पश्चिम बंगाल में तैनात है।