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उप निरीक्षक महेन्द्र चौधरी की मेहसाना में सांसें टूटी

- बंद के दौरान ड्यूटी पर हुआ था कार्डियक अरेस्ट - ग्रीन कोरीडोर बनाकर आईसीयू एम्बुलेंस में ले गए थे अहमदाबाद

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जोधपुर .

बंद के दौरान पावटा चौराहे के पास ड्यूटी के दौरान कार्डियक अरेस्ट होने से जिन्दगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहे उप निरीक्षक महेन्द्र चौधरी की सांसें मंगलवार शाम गुजरात के मेहसाना में टूट गई। कार्डियक अरेस्ट के बाद रात को छह अटैक आए और अहमदाबाद के हार्ट सेंटर ले जाते समय एक और कार्डियक अरेस्ट होने से उप निरीक्षक जिन्दगी की जंग हार गया। परिजन के आग्रह पर उप निरीक्षक को अहमदाबाद के हार्ट सेंटर ले जाया गया, जहां जांच के बाद मृत घोषित कर दिया गया।

सूत्रों के अनुसार उदयमंदिर थाने के उप निरीक्षक महेन्द्र चौधरी को सोमवार दोपहर बंद के दौरान कार्डियक अरेस्ट हुआ था। उन्हें गम्भीर हालत में पहले पावटा के जिला अस्पताल और फिर महामंदिर स्थित श्रीराम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां रात को तबीयत में काफी सुधार हुआ था। परिजन के आग्रह पर पुलिस व चिकित्सकों की एक टीम मंगलवार दोपहर आईसीयू ऑन व्हील्स एम्बुलेंस से सड़क मार्ग से अहमदाबाद के लिए लेकर रवाना हुई, लेकिन मेहसाना पहुंचते-पहुंचते उप निरीक्षक को एक और गम्भीर कार्डियक अरेस्ट हो गया। मौके पर ही सीपीआर देकर उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।

चिकित्सकों ने हार मान ली, लेकिन परिजन एक बार अहमदाबाद ले जाने का आग्रह करने लगे। उन्हें शाम को अहमदाबाद के जाइडस कैडिला अस्पताल ले जाया गया। श्रीराम अस्पताल के डॉ सुनील चाण्डक ने उप निरीक्षक महेन्द्र चौधरी के निधन की पुष्टि की है। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डॉ अमनदीप सिंह कपूर का कहना है कि उप निरीक्षक महेन्द्र चौधरी को बंद के दौरान कार्डियक अरेस्ट हुआ था। श्रीराम अस्पताल में उपचार के बाद परिजन के आग्रह पर उन्हें मंगलवार दोपहर अहमदाबाद के लिए ले जाया गया। मेहसाना पहुंचने पर एक और गम्भीर कार्डियक अरेस्ट हुआ। जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

उप निरीक्षक महेन्द्र चौधरी पाली जिले में सोजत तहसील की ग्राम पंचायत चोपड़ा के नया गांव का रहने वाला था। बतौर कांस्टेबल पुलिस बेड़े में भर्ती होने वाला महेन्द्र वर्ष २०१४ बैच का उप निरीक्षक था। शहर से बाहर निकलने का बनाया ग्रीन कॉरिडोर पुलिस का कहना है कि परिजन के आग्रह पर उप निरीक्षक महेन्द्र चौधरी को अहमदाबाद शिफ्ट करने का निर्णय किया गया। ताकि उन्हें और बेहतर चिकित्सकीय सुविधा दी जा सके।

बिना किसी अवरोध के आईसीयू ऑन व्हील्स एम्बुलेंस शहर से बाहर निकल सके इसके लिए महामंदिर से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। एम्बुलेंस निकलने से पहले से यातायात पुलिस ने वाहनों की आवाजाही रोक दी। ताकि एम्बुलेंस जल्द से जल्द शहर से बाहर निकल सके। एम्बुलेंस के आगे पुलिस की बोलेरो एस्कॉर्ट कर रही थी। जोधपुर ही नहीं गुजरात पहुंचने तक हर जिले की पुलिस ने एम्बुलेंस के रूट पर यातायात क्लियर करती रही। दोपहर करीब बारह बजे महामंदिर से एम्बुलेंस व पुलिस की बोलेरो अहमदाबाद के लिए रवाना हुई।

पोस्टमार्टम के बाद पुष्टि होगी हमले में घायल होने की डीसीपी डॉ अमनदीप सिंह कपूर का कहना है कि उप निरीक्षक महेन्द्र का शव जोधपुर लाया जाएगा, जहां पोस्टमार्टम होगा। उसकी रिपोर्ट मिलने पर ही स्पष्ट हो पाएगा कि बंद के दौरान कोई हमला होने से वह घायल हुआ था या कोई अन्य वजह रही।

पोस्टमार्टम के बाद पुलिस सम्मान से शव पैतृक गांव ले जाया जाएगा। चंद घंटों में आए छह अटैक उप निरीक्षक का इलाज करने वाले चिकित्सकों का कहना है कि चौराहे पर कार्डियक अरेस्ट होने के बाद महेन्द्र को पावटा जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें हार्ट अटैक आया। फिर जब निजी अस्पताल में इलाज शुरू किया गया तो रात को थोड़े-थोड़े अंतराल में और अटैक आए। उन्हें कुल छह अटैक आए थे।